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G7 सम्मेलन में PM मोदी ने होरमुज़ में भारतीयों की मौत का मुद्दा उठाया

June 17, 2026By Short Daily News

फ्रांस के बियारित्ज़ में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होरमुज़ जलडमरूमध्य से जुड़े समुद्री व्यापार पर पड़ रहे असर का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। आउटरीच सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण कई देशों को नुकसान हुआ है और कुछ भारतीय नागरिकों ने भी अपनी जान गंवाई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि होरमुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है, जिसके जरिए बड़ी मात्रा में तेल और अन्य सामान की आवाजाही होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समुद्री यात्रियों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। उनके अनुसार इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा का असर न केवल क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ता है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होती है।

उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता के प्रयासों का समर्थन करते हुए कहा कि भारत हमेशा संवाद, कूटनीति और शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है। मोदी ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में विश्व समुदाय को मिलकर तनाव कम करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए काम करना चाहिए।

इस सत्र में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मौजूद थे और प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठे थे। सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हुई, जिसमें भारत-अमेरिका संबंधों, व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।

जिस सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने हिस्सा लिया, उसका विषय था “नई साझेदारियां बनाना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से स्थापित करना”। इसमें G7 देशों के नेताओं के अलावा कई साझेदार देशों के प्रमुखों, विश्व बैंक और अफ्रीकी विकास बैंक के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। चर्चा का केंद्र वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना रहा।

सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात, केन्या, मिस्र, दक्षिण कोरिया और जापान के नेताओं से भी मुलाकात की। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, तकनीक, ऊर्जा, रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर बातचीत हुई।

प्रधानमंत्री मोदी की ये बैठकें भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और सक्रिय कूटनीति को दर्शाती हैं। G7 सम्मेलन में भारत ने न केवल क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए, बल्कि आर्थिक सहयोग और साझा वैश्विक विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।