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DA-DR पर पंजाब सरकार का बड़ा कदम, हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

September 2, 2026By Short Daily News

पंजाब सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) से जुड़े मामले में बड़ा कदम उठाते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के 3 अगस्त के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सरकार की ओर से इस मामले में स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दाखिल की गई है।

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में पंजाब सरकार ने कहा है कि वह राज्य के कर्मचारियों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर टेक-होम सैलरी सुनिश्चित करने के लिए जरूरत के मुताबिक DA बढ़ाने को तैयार है। हालांकि, सरकार ने केंद्र सरकार के बराबर उसी प्रतिशत की DA दर लागू करने पर आपत्ति जताई है।

पंजाब सरकार का तर्क है कि राज्य में कई पदों पर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी केंद्रीय कर्मचारियों की तुलना में पहले ही अधिक है। ऐसे में सिर्फ DA का प्रतिशत एक जैसा कर देने से दोनों वर्गों के कर्मचारियों के बीच वास्तविक समानता नहीं होगी।

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने सात अलग-अलग कर्मचारी श्रेणियों से जुड़े आंकड़े भी पेश किए हैं। सरकार के मुताबिक, इनमें से पांच श्रेणियों में 42 प्रतिशत DA दिए जाने के बावजूद पंजाब के कर्मचारियों की कुल सैलरी केंद्रीय कर्मचारियों से ज्यादा बनती है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह कर्मचारियों के बकाया भुगतान से पीछे नहीं हट रही है। पंजाब सरकार के अनुसार, 13 फरवरी 2025 को मंजूर की गई लिक्विडेशन योजना के तहत कर्मचारियों की बकाया राशि का भुगतान चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।

पंजाब सरकार ने अपनी याचिका में आर्थिक बोझ का भी हवाला दिया है। सरकार का कहना है कि अगर केंद्र सरकार की DA दर को उसी प्रतिशत के आधार पर पंजाब में लागू किया जाता है तो राज्य के खजाने पर हर साल करीब 6,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।

सरकार के मुताबिक, पंजाब में कर्मचारियों के वेतन और पेंशन पर पहले ही राज्य की राजस्व प्राप्तियों का लगभग 51 प्रतिशत हिस्सा खर्च हो रहा है। ऐसे में DA को लेकर लिया गया कोई भी फैसला राज्य की वित्तीय स्थिति पर सीधा असर डाल सकता है।

अब पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की मांग की है। इसके साथ ही सरकार ने मौजूदा भुगतान योजना को जारी रखने की अनुमति देने की भी अपील की है।

अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के रुख पर कर्मचारियों और पंजाब सरकार, दोनों की नजरें टिकी हैं। फैसला आने के बाद राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के DA-DR से जुड़े भुगतान पर इसका असर पड़ सकता है।