Search

BREAKING
CM भगवंत सिंह मान के प्रयास रंग लाए, केंद्र द्वारा कंटीली तार को अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक लगाने का आदेश, लाखों किसानों को होगा लाभ भगवंत मान सरकार सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में क्रांतिकारी बदलाव के लिए पी.आर.टी.सी. और पनबस में 1,265 बसें करेगी शामिल: हरपाल सिंह चीमा राजेंद्र जिमखाना एंड Mahindra Club’ में आयोजित सेहत कैंप के द्वारा सदस्यों और स्टाफ के लिए सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने की पहल हिंदू नववर्ष संवत के अवसर पर रामलीला ग्राउंड में विशाल समारोह आयोजित Manish Sisodia मुख्यमंत्री रोशन पंजाब योजना’ के तहत पंजाब के 13,000 गांवों को सोलर एल.ई.डी लाइटों से किया जाएगा रोशन: अमन अरोड़ा तलवंडी साबो में CM मान ने किया उप-मंडलीय परिसर का उद्घाटन 8वीं कक्षा में टॉप करने वाली बेटियों का CM आवास पर सम्मान, CM भगवंत मान ने बढ़ाया हौसला बेमौसम बारिश से तबाही के बीच Punjab पहुंचेगी केंद्रीय टीम, प्रभावित जिलों का करेगी दौरा गुरु ग्रंथ साहिब बेअदबी पर कड़ा कानून: Bhagwant Mann कैबिनेट ने सख्त सज़ाओं वाले संशोधन को दी मंजूरी गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व पर सालभर होंगे भव्य कार्यक्रम, CM भगवंत मान ने तैयारियों को दी अंतिम मंजूरी

CM भगवंत सिंह मान के प्रयास रंग लाए, केंद्र द्वारा कंटीली तार को अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक लगाने का आदेश, लाखों किसानों को होगा लाभ

April 13, 2026By Short Daily News

Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप केंद्र सरकार ने सीमावर्ती कंटीली तार को अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक स्थानांतरित करने का आदेश जारी किया है। इस फैसले से उन किसानों को बड़ी राहत मिलेगी, जो लंबे समय से सीमा सुरक्षा बल की सख्त पाबंदियों के तहत खेती करने को मजबूर थे।

फसल चुनने की स्वतंत्रता और सीमित समय व बार-बार होने वाली सुरक्षा जांच से राहत मिलेगी

 

सीमावर्ती जिलों में सर्वेक्षण के आदेश दिए गए हैं। इस कदम से लाखों एकड़ भूमि तार के अंदर आ जाएगी, जिससे किसानों को अधिक पहुंच, अपनी पसंद की फसल चुनने की स्वतंत्रता और सीमित समय व बार-बार होने वाली सुरक्षा जांच से राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमने यह मुद्दा कई बार केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष उठाया कि सीमा के पास रहने वाले किसानों के लिए पाकिस्तान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ बाड़ भारतीय क्षेत्र में तीन से चार किलोमीटर अंदर लगाई गई है, जिसके कारण उनके खेत बाड़ के पार रह जाते हैं।”

किसानों को आने वाली कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “किसानों को बीएसएफ द्वारा निर्धारित समय के दौरान ही बाड़ पार कर खेती करने की अनुमति दी जाती है। वे सुबह 9 बजे से पहले नहीं जा सकते। उनकी तलाशी ली जाती है और उनके साथ सुरक्षा बल तैनात रहते हैं ताकि कोई तस्करी या अवैध सामग्री वापस न लाई जा सके। शाम 4 बजे के बाद उन्हें खेतों में रहने की अनुमति नहीं होती और लौटते समय फिर से उनकी जांच होती है। इस प्रक्रिया में सुरक्षा बलों का काफी समय अपने ही नागरिकों की जांच में व्यतीत हो जाता है।”

केंद्रीय गृह मंत्री ने आश्वासन दिया था कि इसका जल्द समाधान किया जाएगा

 

उन्होंने आगे कहा, “हमने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया था और केंद्रीय गृह मंत्री ने आश्वासन दिया था कि इसका जल्द समाधान किया जाएगा। किसानों को लंबे समय से अपने खेतों तक पहुंचने के लिए पहचान पत्रों और बीएसएफ की निगरानी में बाड़ पार करनी पड़ रही है, जिससे उन्हें 532 किलोमीटर लंबी भारत-पाकिस्तान सीमा पर रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।”

उन्होंने आगे जानकारी दी कि “अब पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फाजिल्का और फिरोजपुर सहित सीमावर्ती जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को सर्वेक्षण करने और यह आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं कि नियमों के अनुसार बाड़ को अंतरराष्ट्रीय सीमा के कितने नजदीक लाया जा सकता है। एसडीएम को भी सर्वेक्षण के लिए कहा गया है, ताकि 300 मीटर क्षेत्र की स्पष्ट पहचान कर इस निर्णय को समयबद्ध तरीके से लागू किया जा सके।”

इस निर्णय के लाभों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “लाखों एकड़ भूमि बाड़ के अंदर आ जाएगी, जिससे किसान स्वतंत्र रूप से खेती कर सकेंगे।”

सुरक्षा और राहत के पहलुओं पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “इससे बीएसएफ के लिए भी कार्य आसान होगा, क्योंकि सीमा के अधिक निकट होने से निगरानी मजबूत होगी और समाज विरोधी गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। मैं इस पावन अवसर पर घोषणा करता हूं कि इस निर्णय से लाखों किसानों को लाभ होगा।”