Search

BREAKING
बादल का ‘धर्म युद्ध मोर्चा’ का ऐलान पंजाबियों को गुमराह करने के लिए सिर्फ़ एक राजनीतिक ड्रामा है: बलतेज पन्नू मानसून के दौरान बढ़ रही हैं बीमारियाँ , ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ पंजाब भर में समय पर कैशलेस इलाज सुनिश्चित कर रही है मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा 2,800 नए राशन डिपो धारकों को लाइसेंस सौंपेने से अब पूरे पंजाब में घरों के नजदीक मिलेगा राशन कल पंजाब दौरे पर आएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ₹5,470 करोड़ से अधिक की रेल और सड़क परियोजनाओं की देंगे सौगात बेअदबी मामले में SIT की बड़ी कार्रवाई, सुखबीर सिंह बादल को पूछताछ के लिए किया तलब Argentina की दमदार वापसी, इंग्लैंड को हराकर लगातार दूसरी बार FIFA World Cup फाइनल में पहुंचा पंजाब में वोटर लिस्ट के विशेष पुनरीक्षण का नया शेड्यूल जारी, SIR की अवधि 11 दिन बढ़ी ’माँवां धियां सत्कार योजना’ के तहत लुधियाना रहा लाभार्थियों की सूची में सबसे आगे पंजाब सरकार की बड़ी उपलब्धि: पिछले तीन वर्षों में 134 बच्चों को मिला कानूनी रूप से सुरक्षित और स्नेहपूर्ण पारिवारिक वातावरण जनता के सहयोग से पंजाब को हर क्षेत्र में नंबर एक बनाने का सफर जारी रहेगा: CM भगवंत सिंह मान

BBMB के फैसलों में पंजाब को मिले उचित स्थान, तानाशाही और गलत फैसलों को बिल्कुल नहीं करेंगे बर्दाश्त: बरिंदर गोयल

May 17, 2026By Short Daily News

भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) की स्थापना के 50 साल पूरे होने पर पंचकूला में आयोजित बैठक के दौरान पंजाब के कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल ने प्रदेश के हितों और अधिकारों को लेकर केंद्र सरकार के सामने बहुत ही गंभीरता और दृढ़ता से पंजाब का पक्ष रखा। बैठक के बाद जारी एक बयान में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि उन्होंने बैठक में बहुत ही विनम्रता और सम्मान से पंजाब की चिंताएं साझा की, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि पंजाब अपने अधिकारों पर किसी भी तरह का डाका नहीं पड़ने देगा।

 

बैठक के दौरान अपनी पहली और मुख्य चिंता जाहिर करते हुए मंत्री बरिंदर गोयल ने बताया कि बीबीएमबी की स्थापना के समय से ही यह व्यवस्था रही है कि इसमें पावर (बिजली) का सदस्य पंजाब से और इरिगेशन (सिंचाई) का सदस्य हरियाणा से नियुक्त होता आया है। यह 50 सालों से चली आ रही एक स्थापित परंपरा है। परंतु केंद्र सरकार ने 13 अप्रैल को नियमों में संशोधन करके यह प्रावधान कर दिया कि सदस्य कहीं का भी हो सकता है लेकिन पंजाब और हरियाणा को सिर्फ प्राथमिकता दी जाएगी।

 

उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतने दशकों से यह व्यवस्था बिना किसी शिकायत के सुचारू ढंग से चल रही थी, तो इस बदलाव की क्या जरूरत थी? ‘प्राथमिकता’ शब्द पंजाब के मन में बड़ी चिंता पैदा करता है, इसलिए दशकों पुराने इस पारंपरिक ढांचे को ही जारी रखा जाना चाहिए।

 

सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र के रुख का जोरदार विरोध करते हुए उन्होंने सीआईएसएफ की तैनाती पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस एक बहुत ही सक्षम और विश्व प्रसिद्ध फोर्स है, जिसने आतंकवाद के दौर में देश की अखंडता के लिए अपनी और अपने परिवारों की कुर्बानियां दीं हैं। हमारे बांधों की सुरक्षा शुरू से ही पंजाब पुलिस करती आ रही है। आज भी सीमा के पास स्थित रणजीत सागर बांध और शाहपुर कंडी बांध की सुरक्षा पंजाब पुलिस ही संभाल रही है। ऐसे में बीबीएमबी परिसरों में सीआईएसएफ को तैनात करने का क्या तर्क है? जब किसी भी भागीदार राज्य को पंजाब पुलिस की सुरक्षा पर कोई आपत्ति नहीं थी, तो केंद्र सरकार द्वारा इस तरह की दखलंदाजी संघीय ढांचे की भावना के खिलाफ है।

 

कैबिनेट मंत्री ने पानी के मुद्दे पर पंजाब की उदारता का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब कभी भी अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटा। प्रदेश अपना कीमती भूजल गंवाने की कीमत पर भी सभी भागीदार राज्यों को उनके हिस्से का पानी पूरी खुशी से दे रहा है। उन्होंने जोरदार शब्दों में कहा कि क्योंकि नदियां पंजाब से होकर बहती हैं, उनकी देखभाल पंजाब करता है और बाढ़ के समय नुकसान भी पंजाब ही उठाता है, इसलिए पानी को बांधों में इकट्ठा करने और इसके प्रबंधन से जुड़े फैसलों में पंजाब को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। बीबीएमबी के हर अहम फैसले में पंजाब को उसका उचित स्थान दिया जाना चाहिए, क्योंकि पानी को संभालने की मुख्य जिम्मेदारी पंजाब की ही है।

 

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा पंजाब की तरफ से किसी ‘चूक’ होने के कारण सीआईएसएफ लगाने के दिए गए बयान पर हैरानी जताते हुए बरिंदर गोयल ने कहा कि पंजाब से कोई चूक नहीं हुई है, बल्कि पंजाब ने केवल अपने अधिकार पर पहरा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पानी की बंटवारे की तय व्यवस्था के तहत हरियाणा मार्च महीने में ही अपने हिस्से का पानी इस्तेमाल कर चुका था और उसके बाद वह पंजाब के हिस्से का पानी लेना चाहता था, जिसका पंजाब ने विरोध किया। हरियाणा को बार-बार पानी का सावधानी से इस्तेमाल करने की सलाह दी गई थी, परंतु उन्होंने इस ओर ध्यान नहीं दिया।

 

केंद्रीय मंत्री खट्टर पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि भले ही खट्टर साहब अब केंद्र में मंत्री बन चुके हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि उनका हरियाणा के प्रति मोह अभी नहीं छूटा है और वे बार-बार वहीं अटक जाते हैं।

 

मंत्री गोयल ने कहा कि जब सभी भागीदार राज्य आपसी तालमेल से बेहतर ढंग से काम कर रहे हैं, तो केंद्र सरकार को इस तरह की बेवजह दखलंदाजी करने से बचना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि बीबीएमबी द्वारा लिए गए हर जायज और सही फैसले की उन्होंने हमेशा सराहना की है और पंजाब आगे भी मिलकर चलने के लिए तैयार है। परंतु, यदि केंद्र सरकार या बीबीएमबी यह सोचती है कि सुरक्षा बलों की तैनाती करके पंजाब विरोधी या कोई गलत फैसले थोपे जा सकते हैं, तो पंजाब ऐसे किसी भी गलत फैसले को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं करेगा।