मोगा की अनाज मंडी में हुई रैली के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि गेहूं की खरीद के दौरान किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “किसानों के एक-एक दाने का जिम्मेदार मैं हूं। जब तक फसल नहीं बिकती, मैं चैन से नहीं बैठूंगा।”
CM मान ने बताया कि आढ़तियों की हड़ताल को देखते हुए सरकार ने पहले ही को-ऑपरेटिव सोसाइटियों की सूची तैयार कर ली है। जरूरत पड़ने पर ये सोसाइटियां गेहूं की खरीद का काम संभालेंगी, ताकि किसानों की फसल मंडियों में फंसी न रहे। उन्होंने कहा कि हर एक दाने की सही और समय पर खरीद सुनिश्चित की जाएगी।
आढ़तियों की हड़ताल पर बोलते हुए CM मान ने कहा कि उनकी मांगें पंजाब सरकार से नहीं, बल्कि केंद्र सरकार से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने पंजाब के साथ खड़े रहने वाले आढ़तियों का धन्यवाद किया और घोषणा की कि जो आढ़ती हड़ताल में शामिल नहीं हुए, उन्हें शेलर (चावल मिल) आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही को-ऑपरेटिव सोसाइटियों के आढ़त कोटे को भी बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने एक और बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 13 अप्रैल से “30 दिन तकसीम” योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत सिर्फ एक महीने के अंदर जमीन और संपत्तियों का बंटवारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के मामले लंबे समय से अदालतों में लंबित हैं, उनका निपटारा भी इस योजना के तहत किया जाएगा।
रैली के दौरान CM मान ने कृषि से जुड़े बुनियादी ढांचे पर भी बड़े दावे किए। उन्होंने कहा कि आने वाले धान सीजन तक पंजाब में 90 प्रतिशत क्षेत्र तक नहरी सिंचाई पहुंचा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग होता था, जबकि पिछले चार वर्षों में यह आंकड़ा 78 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पंजाब के किसानों को खेतों में लगे बिजली के खंभों और ऊपर से गुजरने वाली तारों से भी राहत दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि बिजली की तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा, जिससे बारिश, आंधी या तूफान का बिजली आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इससे स्पार्किंग के कारण फसलों में आग लगने का खतरा भी खत्म किया जा सकेगा।

