पंजाब सरकार भगवान श्रीराम पर करवाएगी शो: 40 जगहों पर कार्यक्रम की मंजूरी, कैबिनेट मीटिंग के 9 बड़े फैसले

पंजाब कैबिनेट की बैठक मंगलवार को चंडीगढ़ में हुई। बैठक में राज्य में भगवान श्री राम के जीवन पर आधारित नाटक हमारे राम के 40 स्थानों पर शो दिखाने को मंजूरी दी गई। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इन कार्यक्रमों में देश के कई नामी कलाकार प्रस्तुति देंगे। ये प्रस्तुतियां हमारे जीवन को सकारात्मक दिशा देने में अहम भूमिका निभाएंगी।

इसके अलावा कैबिनेट में सार्वजनिक जमीन देने के नियमों में बदलाव, FAR चार्ज घटाने, योगा ट्रेनरों की भर्ती समेत कई अहम फैसलों पर भी मुहर लगाई गई।

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट मीटिंग में लिए फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट मीटिंग में लिए फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए।

अब विस्तार से पढ़िए क्या फैसले लिए गए…

1. सार्वजनिक जमीन देने के नियम बदले पंजाब मैनेजमेंट एंड ट्रांसफर म्यूनिसिपल एक्ट 2020 की धारा 4 के तहत शहरी भूमि, जो नगर परिषद (म्यूनिसिपल कमेटी) की होती थी, जब एक विभाग से दूसरे विभाग या किसी संस्था को दी जाती थी, तो इसमें कई तरह की अड़चनें आती थीं। अब इस संबंध में सभी अधिकार डिप्टी कमिश्नर की अगुआई वाली कमेटी को दे दिए गए हैं। जब भी किसी सार्वजनिक उद्देश्य के लिए जमीन दी जानी होगी, उसका फैसला यही कमेटी करेगी। यह कमेटी ही लीज, बिक्री या नीलामी से जुड़ी शर्तें और नियम तय करेगी। पहले इस प्रक्रिया में महीनों लग जाते थे। मंत्री ने बताया कि उन्हें स्वयं पुलिस विभाग को जमीन अलॉट करनी थी। लेकिन इसमें करीब आठ महीने लग गए थे।

2. कच्चे रास्तों के बदले लोकल बॉडी को मिलेंगे पैसे मंत्री ने कहा कि लोकल बॉडी विभाग के अधीन सरकारी रास्ते होते थे, जिन्हें आम तौर पर कच्चे रास्ते या खाल कहा जाता है। ये रास्ते बाद में शहरों के भीतर आ जाते थे या विकसित हो चुकी कॉलोनियों का हिस्सा बन जाते थे। लेकिन इससे राज्य को कोई राजस्व प्राप्त नहीं होता था। अब इस संबंध में मंजूरी दे दी गई है, जिसके तहत लोकल बॉडी विभाग को इनसे राजस्व मिलेगा। पहले यह व्यवस्था गमाडा और ग्लाडा में लागू की गई थी।

कैबिनेट मीटिंग में शामिल होने के लिए सीएम आवास जाते पंजाब के मंत्री।
कैबिनेट मीटिंग में शामिल होने के लिए सीएम आवास जाते पंजाब के मंत्री।

3. अब प्रोजेक्ट में तीन साल की मिलेगी एक्सटेंशन पंजाब में पापरा एक्ट के तहत किसी कॉलोनाइजर को पहले अपने प्रोजेक्ट के लिए पांच साल की स्वीकृति (सेक्शन) दी जाती थी। इसके बाद वह हर साल प्रति एकड़ 10 हजार रुपए का भुगतान कर समय बढ़वा लेता था। लेकिन अब सरकार ने तय किया है कि केवल एक बार तीन साल का एक्सटेंशन दिया जाएगा।

इसके लिए एक शर्त रखी गई है कि कॉलोनाइजर को प्रति एकड़ 25 हजार रुपए फीस के रूप में सरकार को अदा करनी होगी। इस फैसले के पीछे सरकार की मंशा यही है कि प्रोजेक्ट तय समय में पूरा हो, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न उठानी पड़े। अब एक बार तीन साल का एक्सटेंशन ही लिया जा सकेगा। इसके लिए 75 हजार रुपए प्रति एकड़ फीस भरनी होगी।

4. FAR का रेट कम किया गया पहले FAR (फ्लोर एरिया रेशियो) पर जब ई-ऑक्शन होती थी और उस पर 50 प्रतिशत चार्जेज लगते थे। यानी जब किसी ने फ्लोर एरिया बढ़ाना होता था तो उसे 50 प्रतिशत शुल्क देना पड़ता था। अब यह चार्जेज घटाकर 25 प्रतिशत कर दिए गए हैं। इससे लोगों को फायदा होगा।

5. चार अस्पताल बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के अधीन सिविल अस्पताल बादल (जिला मुक्तसर साहिब), सिविल अस्पताल खडूर साहब (जिला तरनतारन), सीएचसी जलालाबाद (जिला फाजिल्का) और टर्शियरी केयर कैंसर सेंटर फाजिल्का को अब बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के अधीन कर दिया गया है। पहले इन्हें पंजाब सरकार चला रही थी।

6. एक हजार नए योगा ट्रेनर भर्ती होंगे सीएम योगशाला का प्रोजेक्ट चल रहा है। 635 योगा ट्रेनर लोगों को योगा करवा रहे हैं। अब एक हजार और योगा ट्रेनर रखे जाएंगे। पहले उन्हें आठ महीने फील्ड ट्रेनिंग होगी। इस दौरान उन्हें आठ हजार प्रति महीना देंगे। जबकि जैसे ही यह काम संभालेंगे उसके बाद उन्हें पच्चीस हजार रुपए सैलरी दी जाएगी।

7. पंजाब सिविल सर्विसेज योग्यता नियम तय पंजाब सिविल सर्विसेज में शर्तें तय की गई थीं। जब पदों के लिए विज्ञापन जारी होता है, उसमें शैक्षणिक योग्यता को लेकर नियम निर्धारित होते हैं। तय किया गया है कि पोस्ट के आवेदन की आखिरी तारीख तक जो शिक्षा योग्यता तय की गई है, वह पूरी होनी चाहिए। पहले इसको लेकर कई मामले अदालत तक पहुंचते थे।

8. आबकारी व कर विभाग के सर्विस रूल्स पंजाब आबकारी व कर विभाग में सुपरिंटेंडेंट के सर्विस रूल्स को मंजूरी दी गई है। काफी समय से सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-वन के लिए नियम अस्तित्व में नहीं थे। अब उन्हें मंजूरी दी गई है।

9. बागबानी क्षेत्र का एरिया बढ़ेगा एक अहम फैसला बागवानी क्षेत्र को लेकर भी लिया गया है। जापान के साथ एक प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। फिलहाल बागवानी का क्षेत्र 6 प्रतिशत है, जिसे अगले दस सालों में 15 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा। इसमें कई स्तरों पर काम होगा और पूरे राज्य में इसे लागू किया जाएगा। इससे लोगों को फायदा होगा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *