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भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस ; पारदर्शी शासन की पहचान बनी Mann सरकार

January 14, 2026By Short Daily News

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘ज़ीरो-टॉलरेंस’ नीति को दोहराते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ बिना किसी दबाव और भेदभाव के सख़्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी चाहे किसी भी पद पर क्यों न हो, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2022 के मध्य में ख़ज़ाना एवं लेखा शाखा (मुख्यालय) तथा विभिन्न ज़िला ख़ज़ाना कार्यालयों में तैनात चार कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई थीं। शिकायतें मिलते ही विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों अधिकारियों को निलंबित कर दिया और मामले की गहन जांच के लिए विजिलेंस ब्यूरो को सौंप दिया गया।

उन्होंने बताया कि विस्तृत विभागीय जांच के बाद दिसंबर 2025 में निर्णायक कार्रवाई की गई। इस दौरान सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-2 के पद पर तैनात एक अधिकारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया, जबकि शेष तीन कर्मचारियों को सेवा नियमों के तहत कड़ी सज़ा दी गई है।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि विजिलेंस ब्यूरो, अमृतसर रेंज द्वारा बर्खास्त किए गए अधिकारी के खिलाफ एफआईआर नंबर 1/2026 दर्ज की गई। आरोपी को 11 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया और 12 जनवरी 2026 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, गुरदासपुर की अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने एक दिन का पुलिस रिमांड मंज़ूर किया है।

भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई को और व्यापक बनाते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि जांच के दौरान चारों आरोपियों के बैंक खातों की पड़ताल में 22 अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेन-देन सामने आए हैं। निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इन मामलों की जांच एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश से करवाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर अब इन सभी 22 अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

वित्त मंत्री ने दोहराया कि पंजाब सरकार जनता को पारदर्शी, जवाबदेह और स्वच्छ प्रशासन देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश है कि भ्रष्टाचार और गैर-कानूनी गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि भगवंत सिंह मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता पंजाब के लोगों के लिए एक ईमानदार और भरोसेमंद प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करना है।