Search

BREAKING
मशहूर अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी पाला जलालपुरिया AAP में शामिल ‘अदरक, जीरा, लहसुन… ये 7 कभी अकेले सब्जी नहीं बना पाएंगे’ AAP पार्टी छोड़ने वाले सांसदों पर CM भगवंत मान ने कसा तंज अमित शाह राघव चड्ढा को मोहरा बनाकर आप सांसदों को तोड़ने की साज़िश रच रहे हैं: Baltej Pannu भाजपा की कार्रवाई बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान और हर पंजाबी के लोकतात्रिंक अधिकारों पर सीधा हमला हैं: Harpal Singh Cheema ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत 40 लाख से अधिक लाभार्थी कवर, भगवंत मान सरकार ने जीवनरक्षक इलाज के लिए आर्थिक बाधाएं दूर कीं : Dr. Balbir Singh आप’ नेताओं के घर पर ED-CBI की रेड करवाकर अमित शाह पार्टी तोड़ने की कर रहे कोशिश: मीत हेयर पंजाब में जनगणना 2026 की तैयारी पूरी, पहली बार डिजिटल सिस्टम से होगा सर्वे आज रात पंजाब में सायरन बजते ही छाएगा अंधेरा, होगा 15 मिनट का ब्लैकआउट, जानें क्या है इसके पीछे की वजह… Punjab में प्राइवेट स्कूलों के छात्रों को सीधे सप्लाई होंगी किताबें, बिचौलियों की मनमानी खत्म; अभिभावकों को मिली राहत सुनील जाखड़ के बयान पर Neel Garg का पलटवार- जिन्होंने पंजाब को अंधेरे में धकेला वो आज सुधारों पर घड़ियाली आंसू बहा रहे: नील गर्ग

पंजाब सरकार ने लिया बड़ा Action! कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान – Coldrif समेत 8 दवाओं पर लगाया कड़ा बैन!

October 16, 2025By Short Daily News

मध्य प्रदेश में कोल्ड्रिफ़ कफ सिरप के कारण 14 से 16 बच्चों की दर्दनाक मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इन घटनाओं के तुरंत बाद पंजाब सरकार ने संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता का परिचय देते हुए राज्य में इस सिरप की बिक्री, वितरण और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी सरकार ने स्पष्ट किया कि राज्य की जनता की सेहत और सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

आठ दवाओं पर ऐतिहासिक प्रतिबंध

कोल्ड्रिफ़ कफ सिरप के साथ-साथ राज्य सरकार ने कुल आठ दवाओं पर रोक लगाने का अभूतपूर्व निर्णय लिया है। स्वास्थ्य विभाग को इन दवाओं से प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसे गंभीरता से लेते हुए सरकार ने इनके प्रयोग, खरीद और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। ये दवाएं अब किसी भी सरकारी अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सा संस्थान में इस्तेमाल नहीं की जाएंगी।

प्रतिबंधित दवाओं की सूची:

  • कोल्ड्रिफ़ कफ सिरप

  • नॉर्मल सेलाइन

  • डेक्सट्रोज़ इंजेक्शन

  • सिप्रोफ्लोक्सासिन इंजेक्शन

  • DNS 0.9%

  • N/2 प्लस डेक्सट्रोज़ IV फ्लूइड

  • ब्यूपिवाकेन HCL विद डेक्सट्रोज़
    (कुछ ब्रांड्स विशेष रूप से चिन्हित)

सरकार ने इन दवाओं की आपूर्ति करने वाली तीन फार्मा कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई की है और राज्यभर के मेडिकल स्टोरों को बिक्री रोकने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।

सभी अस्पतालों और क्लीनिक्स को सख्त निर्देश

सभी सरकारी और निजी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, मेडिकल स्टोरों और क्लीनिकों को निर्देश दिया गया है कि इन प्रतिबंधित दवाओं का मौजूदा स्टॉक तुरंत वापस किया जाए। साथ ही, डॉक्टरों, फार्मासिस्टों और नर्सिंग स्टाफ को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है कि मरीज़ों को केवल सुरक्षित और प्रमाणित दवाएं ही दी जाएं।

विशेषज्ञ समिति और निगरानी प्रणाली गठित

स्वास्थ्य विभाग ने एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है जो इन दवाओं से प्रभावित हुए मरीज़ों के मामलों की गहन जांच करेगी और विशेष इलाज प्रोटोकॉल तैयार करेगी। साथ ही, दवाओं की गुणवत्ता जांच और निगरानी को मजबूत करने के लिए नई प्रणाली लागू की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को पूरी तरह रोका जा सके।

लगातार निगरानी और जांच

ड्रग कंट्रोलर की टीमों द्वारा पूरे राज्य में सघन निरीक्षण चलाया जा रहा है। बाजार में उपलब्ध दवाओं की सैंपलिंग और टेस्टिंग तेज कर दी गई है ताकि कोई भी गुणवत्ता रहित या खतरनाक दवा राज्य में न पहुंचे। पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हर नागरिक को सुरक्षित, भरोसेमंद और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं मिलें।

व्यापक जनजागरूकता अभियान

सरकार ने आम जनता, मरीजों और चिकित्सा कर्मचारियों के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी शुरू किया है। इस अभियान के अंतर्गत:

  • प्रतिबंधित दवाओं की सूची साझा की जा रही है

  • लोगों को सलाह दी जा रही है कि किसी भी दवा का उपयोग डॉक्टर की सलाह के बिना न करें

  • मेडिकल स्टाफ को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि रहे

  • सभी अस्पतालों में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू कर दी गई है

जनता से सीधी अपील

पंजाब सरकार ने सभी नागरिकों और अभिभावकों से अपील की है कि यदि उनके पास इन प्रतिबंधित दवाओं का स्टॉक मौजूद है या किसी मरीज़ को इनके सेवन से कोई साइड इफेक्ट हुआ है, तो वे तत्काल अपने नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र, ज़िला चिकित्सा अधिकारी या ड्रग कंट्रोल विभाग से संपर्क करें। सरकार ने इसके लिए 24×7 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं जहां शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


एक मजबूत और संवेदनशील स्वास्थ्य प्रणाली की दिशा में कदम

इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि आम आदमी सरकार आम जनता की सेहत और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। दवाओं की गुणवत्ता को लेकर कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी सरकार ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाएगी। यह कदम राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को सबसे सुरक्षित, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।