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Punjab Government का ‘Operation Rahat’: बाढ़ पीड़ितों के लिए नई उम्मीद, 50 परिवारों को मिला सहारा, Minister Bains खुद उतरे मैदान में!

September 9, 2025By Short Daily News

पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ ने कई गाँवों की ज़िंदगी पूरी तरह बदल दी है। घरों में पानी घुस गया, फसलें बर्बाद हो गईं और कई परिवारों का सबकुछ तबाह हो गया। ऐसे मुश्किल वक्त में पंजाब सरकार की ओर से शुरू किया गया ‘ऑपरेशन राहत’ पीड़ितों के लिए बड़ी उम्मीद बनकर सामने आया है।

इस पहल की शुरुआत मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में की गई है और इसे अमलीजामा पहनाने की जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने खुद उठाई है। बैंस ने न सिर्फ योजनाओं की घोषणा की, बल्कि खुद मैदान में उतरकर प्रभावित गाँवों में जाकर लोगों की मदद की।

5 लाख रुपये का निजी योगदान, 50 परिवारों के घर बनेंगे नए सिरे से

बैंस ने अपने परिवार की तरफ से 5 लाख रुपये दान किए हैं। इस राशि से बाढ़ में तबाह हुए 50 परिवारों के घरों की मरम्मत और पुनर्निर्माण का जिम्मा उठाया गया है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद केवल पैसों की मदद करना नहीं है, बल्कि हर परिवार तक यह भरोसा पहुँचाना है कि सरकार और लोग उनके साथ खड़े हैं।

बाढ़ का असर अब भी बरकरार

भाखड़ा डैम और हिमाचल से आने वाला पानी भले ही कम हो गया हो, लेकिन आनंदपुर साहिब हलके और नंगल के कई गाँव अब भी प्रभावित हैं। जगह-जगह गाद भरी हुई है, घरों की दीवारें टूटी पड़ी हैं और खेत पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं।
मक्का और धान की फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

मंत्री खुद उतरे सफाई अभियान में

हरजोत सिंह बैंस ने सिर्फ आदेश देने तक ही खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने सरकारी स्कूलों और गाँवों में सफाई अभियान में खुद भाग लिया। स्थानीय सरपंच और युवाओं ने भी उनके साथ मिलकर इस काम में सहयोग दिया।
बैंस ने कहा,

“लोगों के सहयोग और वाहेगुरु की कृपा से हम हर मुश्किल का हल निकाल सकते हैं। अब हमें सिर्फ शिकायतें नहीं करनीं, बल्कि मिलकर काम करना है।”

बीमारियों को रोकने के लिए कदम

ऑपरेशन राहत के तहत बाढ़ प्रभावित इलाकों में डीडीटी का छिड़काव, फॉगिंग, मेडिकल टीमों की तैनाती और वेटनरी डॉक्टरों की सेवाएं दी जा रही हैं। इसका उद्देश्य बाढ़ के बाद फैलने वाली बीमारियों को रोकना और पशुओं की देखभाल करना है।

किसानों और पशुपालकों के लिए मदद

अगले 10 दिनों तक सभी फील्ड स्टाफ — पटवारी, कानूनगो, तहसीलदार, एसडीएम और सरपंच — लगातार गाँवों में रहेंगे।

  • किसानों के लिए मुआवज़ा योजनाएँ लागू की जाएंगी।
  • जिन लोगों ने बाढ़ में अपने पशु खो दिए हैं, उन्हें भी विशेष आर्थिक सहायता दी जाएगी।
  • 3-4 दिनों में सभी प्रभावित परिवारों का डेटा तैयार किया जाएगा, ताकि तुरंत मदद दी जा सके।

बैंस ने भरोसा जताया कि

“ऑपरेशन राहत को अगले 8-10 दिनों में बड़े स्तर पर पूरा कर लिया जाएगा, ताकि लोग जल्द से जल्द सामान्य जिंदगी में लौट सकें।”

निजी घरों को राहत केंद्र बनाया

इससे पहले मंत्री बैंस ने अपने दो निजी घर – गंभीरपुर का घर और नंगल का सेवा सदन – बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए पूरी तरह खोल दिए थे।
इन घरों में लोगों को 24 घंटे भोजन, रहने की जगह और इलाज की सुविधा दी गई।
बैंस ने कहा,

“मैं जो कुछ भी हूँ, वह लोगों की वजह से हूँ। इस आपदा में मेरे घर हर जरूरतमंद के लिए 24×7 खुले रहे।”

सरकार की संवेदनशीलता का उदाहरण

‘ऑपरेशन राहत’ यह दिखाता है कि पंजाब सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर काम कर रही है।
इस पहल ने आनंदपुर साहिब हलके के बाढ़ पीड़ितों को एक नई उम्मीद दी है। यह सिर्फ राहत कार्य नहीं, बल्कि लोगों और सरकार के बीच विश्वास को मजबूत करने का प्रयास है।

आने वाले दिनों में जब प्रभावित परिवार अपने नए घरों में लौटेंगे और किसान फिर से खेतों में काम करेंगे, तब यह ऑपरेशन राहत पंजाब के लिए नई शुरुआत का प्रतीक बनेगा।