पंजाब में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। भारी बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया है। इसी बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हवाई और ज़मीनी दौरे के बाद ऐलान किया कि राज्य सरकार हर तरह के नुकसान की पूरी भरपाई करेगी।
ब्यास नदी में बढ़ा पानी, कई इलाके प्रभावित
ब्यास नदी का पानी इस समय 1.12 लाख क्यूसेक की रफ्तार से बह रहा है। इसके चलते कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी, होशियारपुर के टांडा, और फिरोज़पुर, फ़ाज़िल्का और तरन तारन के कई गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
तेज़ धार ने अहाली कलां गांव में बने बांध (bundh) को भी तोड़ दिया, जिससे गांव के लोग खुद ही बाढ़-रोधी उपाय करने में जुट गए।
CM ने लिया हालात का जायज़ा
सीएम मान ने हेलिकॉप्टर से हवाई सर्वे किया और फिर फील्ड विज़िट करके ज़मीन पर हालात देखे। इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें नुकसान का ब्यौरा दिया।
मान ने कहा –
“लगातार बारिश से ये स्थिति बनी है, लेकिन सरकार पूरी तरह लोगों के साथ खड़ी है। हमने स्पेशल गिरदावरी (फसल नुकसान का सर्वे) का आदेश दिया है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो और प्रभावित लोगों को सही मुआवज़ा मिले।”
मुआवज़े का भरोसा
सीएम ने स्पष्ट किया कि चाहे नुकसान फसल का हो, मवेशियों का, घर का या किसी और चीज़ का, हर एक का पूरा मुआवज़ा दिया जाएगा।
उन्होंने सिंचाई और ड्रेनेज विभाग को कहा कि आने वाले समय के लिए बाढ़ रोकने की ठोस रणनीति बनाई जाए, ताकि भविष्य में नुकसान को कम किया जा सके।
किसानों से सीधी बातचीत
किसानों से बातचीत करते हुए मान ने कहा कि वे खुद घग्गर बेल्ट से आते हैं, जहां पहले भी बाढ़ ने काफी तबाही मचाई है। इसलिए वह किसानों के आर्थिक और सामाजिक बोझ को अच्छी तरह समझते हैं।
सांसद सीचेवाल की मांग
राज्यसभा सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल भी इस दौरे में मौजूद रहे। उन्होंने सरकार से मांग की कि मुआवज़ा जमीन मालिकों की बजाय सीधे खेती करने वाले काश्तकारों (cultivators) को मिले।
उन्होंने कहा –
“आजकल ज़्यादातर किसान ज़मीन लीज़ पर लेकर खेती करते हैं। जब मुआवज़ा मालिक को जाता है तो असली नुकसान झेलने वाले किसान दोहरी मार झेलते हैं।”
सीचेवाल ने यह भी कहा कि धान की फसल पिछले 13 दिनों से पानी में डूबी हुई है और पूरी तरह बर्बाद हो गई है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि मुआवज़ा किसानों को रबी फसल बोने से पहले मिल जाना चाहिए ताकि उनकी परेशानियां और न बढ़ें।
मौजूदा हालात
- पंजाब और हिमाचल में लगातार बारिश से ब्यास और सतलुज नदियों का जलस्तर बढ़ा है।
- पंजाब के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।
- DC अमित कुमार पंचाल और वाटर रिसोर्स विभाग के अधिकारियों ने सीएम को हालात की पूरी जानकारी दी।
कुल मिलाकर, पंजाब सरकार ने साफ कर दिया है कि बाढ़ से हुए नुकसान की पूरी भरपाई की जाएगी और आने वाले समय में बाढ़ से बचाव के लिए लंबी रणनीति तैयार की जा रही है। वहीं किसानों और नेताओं ने ज़मीन मालिकों की बजाय असली किसानों तक मुआवज़ा पहुंचाने की मांग उठाई है।