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पंजाब सरकार को सुप्रीम कोर्ट से राहत, नई भर्ती तक असिस्टेंट प्रोफेसर्स की नियुक्ति बनी रहेगी

August 18, 2025By Short Daily News

पंजाब सरकार को 1158 सहायक प्रोफेसर और पुस्तकालयाध्यक्षों की नियुक्तियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के उस अनुरोध को स्वीकार किया जिसमें नई भर्ती होने तक इन पदों पर नियुक्ति जारी रखने की अनुमति मांगी गई थी।

पंजाब के शिक्षामंत्री हरजीत सिंह बैंस ने इस जानकारी को अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर साझा किया और कहा कि इससे सरकारी कॉलेजों में छात्रों के लिए शिक्षा की निरंतरता बनी रहेगी।

वहीं, पंजाब सरकार 1158 भर्तियों को बचाने के लिए समीक्षा याचिका दायर करने की प्रक्रिया में है और अपना पक्ष मजबूती से रखेगी।

 

24 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की भर्ती

सुप्रीम कोर्ट ने 24 जुलाई को 1158 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती को रद्द कर दिया था। ये प्रोफेसर सालों से विभिन्न संस्थानों में पढ़ा रहे थे, लेकिन इस आदेश से जहां उनका करियर प्रभावित हो रहा था, वहीं सरकार भी इस चिंता में पड़ गई थी कि बच्चों की पढ़ाई कैसे जारी रहेगी।

ऐसे में सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई, जिसमें मांग की गई कि जब तक नई भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक इन शिक्षकों को पढ़ाने की अनुमति दी जाए। शिक्षा मंत्री का दावा है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मांग को मंज़ूरी दे दी है।

पहले हाईकोर्ट से मिली थी राहत

अगस्त 2021 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 1158 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती को रद्द कर दिया था। साथ ही कहा था कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान नियमों का पालन नहीं किया गया। इस भर्ती प्रक्रिया को कुछ लोगों की तरफ से चुनौती दी गई थी, जिसमें उन्होंने भर्ती नियमों को लेकर सवाल उठाए थे।

इस भर्ती प्रक्रिया के 484 लोग पहले जॉइन कर चुके हैं, लेकिन उनकी पोस्टिंग तक नहीं हुई। उन्हें वेतन भी नहीं मिल रहा था। सिंगल बेंच के फैसले के बाद सरकार डबल बेंच में गई थी। साथ ही सरकार ने कई दलीलें अदालत में रखी थीं, जिससे यह साबित करने की कोशिश की थी कि भर्ती प्रक्रिया बिल्कुल सही है। फैसला सरकार के पक्ष में आया था। हालांकि सितंबर 2024 में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की डबल बेंच ने मंजूरी दे दी थी। इसके बाद याची सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए थे।