Search

BREAKING
बच्चों ने फास्ट ट्रैक कोर्ट नहीं, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा है, PM लीपापोती कर धर्मेंद्र प्रधान को बचा रहे – केजरीवाल अमृतसर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, सीमा पार हथियार और ड्रग्स तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़; 2 आरोपी गिरफ्तार विद्यार्थियों के आंदोलन से घबराई कांग्रेस-भाजपा, ‘आप’ पर लगा रही है बेबुनियाद आरोप: बलतेज पन्नू मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत छह महीनों में 2,300 डायबिटीज़ रोगियों का कैशलेस इलाज,₹6.5 करोड़ का उपचार कवर अमृतसर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री की तीर्थ यात्रा बस पर किया हमला मोदी सरकार जितनी ताकत से छात्रों की आवाज़ दबाएगी, देश के बच्चे उतनी ही बुलंद आवाज़ में जवाब मांगेंगे – केजरीवाल पंजाब पहली से बारहवीं कक्षा तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मुख्य विषय के रूप में शामिल करने वाला भारत का पहला राज्य बना : हरजोत सिंह बैंस तीर्थ यात्रा योजना को मिले भारी जनसमर्थन से डरकर कांग्रेस ने हिंसा का सहारा लिया: बलतेज पन्नू भारत को विकसित बनाने के लिए अच्छी शिक्षा जरूरी, दिल्ली के बाद पंजाब में भी शानदार शिक्षा दे रही “आप” सरकार- केजरीवाल पंजाब में मानसून सक्रिय, भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी

Fatehgarh Sahib में किसानों को Agricultural Equipment पर मिलेगी Subsidy, तीन Custom Hiring Centres के लिए 60 लाख की मदद

June 13, 2025By Short Daily News

जिले के किसानों के लिए खुशखबरी है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक खेती में सहयोग देने के लिए एक अहम कदम उठाया गया है। किसानों को खेती के काम आने वाली आधुनिक मशीनों पर अब सरकार की तरफ से सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा, जिले में तीन नए कस्टम हायरिंग सेंटर (Custom Hiring Centres) खोलने के लिए कुल ₹60 लाख की वित्तीय मदद मंजूर की गई है।

इस योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को खेती में आधुनिक तकनीक से जोड़ना है, ताकि वे कम खर्च और कम समय में बेहतर फसल उगा सकें। कई बार किसानों के पास ट्रैक्टर, थ्रेशर या रीपर जैसी मशीनें खरीदने के पैसे नहीं होते। ऐसे में ये कस्टम हायरिंग सेंटर किसानों को ये मशीनें किराये पर उपलब्ध कराएंगे।

जिला स्तर पर एक ऑनलाइन ड्रा (लकी ड्रॉ) निकाला गया, जिसमें किसानों को शामिल किया गया। इस ड्रा के जरिए जिन किसानों का नाम निकला है, उन्हें सरकार की तरफ से कृषि यंत्रों की खरीद पर 40% से 50% तक की सब्सिडी दी जाएगी। यानी अगर कोई मशीन 1 लाख की है, तो सरकार 40–50 हज़ार रुपए तक की सहायता देगी।

कस्टम हायरिंग सेंटर में किसानों को निम्न सुविधाएं मिलेंगी:

  • ट्रैक्टर और उससे जुड़ी मशीनें किराये पर
  • थ्रेशर, रीपर, सीड ड्रिल जैसी खेती की उन्नत मशीनें
  • जरूरत के हिसाब से टाइम स्लॉट पर बुकिंग की सुविधा

इन सेंटरों को ₹60 लाख की मदद से शुरू किया जाएगा, जिससे खेती की लागत कम हो सके और किसानों को समय पर मशीन मिल सके।

जिन किसानों ने आवेदन किया था, उनके लिए ड्रा निकाला गया है। अगर आपने भी आवेदन किया था और आपका नाम ड्रॉ में आया है, तो कृषि विभाग से संपर्क करें और सब्सिडी का लाभ उठाएं।

जो किसान इस बार शामिल नहीं हो सके, वे अगली बार इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपने नजदीकी कृषि अधिकारी या कृषि विभाग की वेबसाइट से जानकारी लेनी होगी।

सरकार की यह पहल खेती को आसान और सस्ती बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न सिर्फ किसानों का बोझ कम होगा बल्कि नई तकनीक से जुड़कर वे अपनी उपज भी बढ़ा सकेंगे।

फतेहगढ़ साहिब के किसान अब खेती में आधुनिकता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं, और सरकार उनके इस सफर में एक मजबूत साथी बन रही है।