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Haryana में फर्जी बीपीएल परिवारों पर सरकार की सख्ती, 20 अप्रैल तक का अल्टीमेटम।

April 2, 2025By Short Daily News

चंडीगढ़। Haryana में फर्जी गरीबों पर सरकार ने कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। सरकार ने अभी भी फर्जी गरीब परिवारों को 20 अप्रैल तक का अल्टीमेटम भी दिया है कि या तो वो खुद बीपीएल कैटेगरी से बाहर हो जाए। उसके बाद सरकार ने पकड़ लिए तो उन्हें बाहर करने के साथ फ्रॉड का केस भी दर्ज कराया जाएगा।

ऐसे लोगों पर भारतीय न्यास संहिता (बीएनएस) की धारा 318 के तहत कार्रवाई होगी, जिसमें उन्हें 2 साल तक कैद हो सकती है। प्रदेश में अभी 51 लाख 96 हजार 380 परिवार बीपीएल कैटेगरी में हैं। दरअसल, विधानसभा में कांग्रेस ने फर्जी बीपीएल परिवारों का मुद्दा उठाया था। जिसके बाद सीएम नायब सैनी ने कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं।

सोनीपत में सबसे ज्यादा निकाले लोग

1 मार्च से 1 अप्रैल तक के दौरान सरकार ने जिन 1609 परिवारों को बीपीएल कैटेगरी से निकाला, उनमें सबसे ज्यादा 294 परिवार सोनीपत के हैं। दूसरे नंबर पर 175 परिवार वाला कुरुक्षेत्र और तीसरे नंबर पर 145 फर्जी बीपीउल परिवार वाला हिसार है। पंचकूला में सबसे कम 3 परिवार बाहर किए गए हैं। प्रदेश में बीपीएल फैमिली का लाभ उसी परिवार को मिलता है, जिनकी सालाना इनकम 1.80 लाख से कम हो।

कई परिवारों की फैमिली इनकम 1.80 लाख से ज्यादा

सरकार को संदेह है कि कई परिवारों ने वास्तविक आय से कम इनकम दर्ज कराकर बीपीएल कार्ड बनवा लिया है। आशंका यह भी है कि कुछ परिवारों की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से अधिक होने के बावजूद, उन्होंने कागजों में परिवार का फर्जी विभाजन दिखाकर बीपीएल श्रेणी के लाभ उठाए। ऐसे लोग वास्तव में साथ रहते हैं, लेकिन दस्तावेजों में खुद को अलग-अलग दिखाते हैं।

Haryana परिवार पहचान प्राधिकरण के राज्य समन्वयक सतीश खोला ने इस संबंध में कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार अब फैमिली आईडी में गलत जानकारी देकर बीपीएल सूची में शामिल होने वालों की पहचान की जा रही है। यदि ऐसे लोग स्वयं अपनी जानकारी सही नहीं करते हैं, तो प्राधिकरण जांच कर उन्हें सूची से बाहर करेगा और आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।