Search

BREAKING
• परविंदर झोटा हत्याकांड में सरकार की पहल, बातचीत के लिए 3 महिला IAS अधिकारियों की टीम गठित • “राम भक्तों की पुकार, चंदा चोरों को सज़ा इस बार”: अमन अरोड़ा ने श्री राम मंदिर चंदा चोरी मामले में प्रधानमंत्री मोदी से कड़ी सज़ा की मांग की • टाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर मालविंदर कंग का केंद्र पर हमला, गैंगस्टरों को संरक्षण देने का लगाया आरोप • अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले केजरीवाल का BJP पर तीखा हमला, कानून-व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल • संगरूर में भीषण सड़क हादसा, मनरेगा मजदूरों समेत 8 की मौत; CM मान ने किया मुआवजे का ऐलान • अमित शाह पंजाब को बताएं कि मुंद्रा पोर्ट से देश में आने वाले नशे को रोकने के लिए उन्होंने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं: बलतेज पन्नू • पंजाब के ‘सफेद छोले’ और ‘राजमा’ पहुंचे वैश्विक बाजार में; CM भगवंत सिंह मान ने ”SIAL Paris 2026” में सोहणा के नए उत्पाद किए लॉन्च • पंजाब में अवैध खनन के ख़िलाफ़ चार अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी, बड़ी संख्या में मशीनरी और वाहन ज़ब्त • पंजाबियों से पगड़ी पहनने की अपील करने से पहले, चरणजीत चन्नी अपने कार्यकाल में हुई माइनिंग के बारे में जवाब दें: जसवीर सिंह गढ़ी • कपूरथला में आम आदमी पार्टी को बड़ी राजनीतिक बढ़त मिली

Haryana विधानसभा में बजट सत्र के आठवें दिन हुआ हंगामा, 2009 की पुलिस भर्ती पर उठे सवाल।

March 19, 2025By Short Daily News

हरियाणा। Haryana विधानसभा के बजट सत्र का आज आठवां दिन है। आज सदन में बजट पर चर्चा होगी।

मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में 2009 में हुई पुलिस इंस्पेक्टरों की भर्ती को लेकर सदन में भारी हंगामा हुआ। शून्य काल के दौरान भाजपा विधायकों ने कांग्रेस पर नौकरियों में अनियमितताओं का आरोप लगाया, जिसके बाद कांग्रेस विधायक गुस्से में आकर अपनी सीट से उठकर वेल तक पहुंच गए। स्पीकर ने दोनों पक्षों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। हंगामे के दौरान पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा सदन में उपस्थित नहीं थे।

प्रश्नकाल के बाद जैसे ही शून्यकाल की शुरुआत हुई तो भाजपा विधायक ओमप्रकाश यादव ने 2009 में इंस्पेक्टरों की भर्ती का मुद्दा उठाया। यादव ने कहा- उस समय की कांग्रेस की सरकार में 20 पुलिस इंस्पेक्टरों की भर्ती में भारी अनियमितता हुई थी। जिन्होंने टॉप किया था, लिस्ट में उनका नाम सबसे नीचे था, जबकि चयनित अभ्यार्थियों में पूर्व सीएम के रिश्तेदार शामिल थे। कांट छांट के लिए फ्लूड का भी इस्तेमाल हुआ था।

इस मामले को लेकर एक दिन पहले यानी सोमवार को हाईकोर्ट ने भी माना था कि चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी थी। हालांकि चयन को रद्द करने से इन्कार कर दिया था। कांग्रेस के विधायकों ने खड़े होकर इसका विरोध जताया। इस पर संसदीय कार्यमंत्री महिपाल सिंह ढांडा ने तंज कसते हुए कहा- सदन में आज कांग्रेस विधायक अखबार लेकर क्यों नहीं लाए। इस बीच स्पीकर ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की मगर वह नहीं मानें।