Search

BREAKING
• पंजाब में अवैध खनन के ख़िलाफ़ चार अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी, बड़ी संख्या में मशीनरी और वाहन ज़ब्त • पंजाबियों से पगड़ी पहनने की अपील करने से पहले, चरणजीत चन्नी अपने कार्यकाल में हुई माइनिंग के बारे में जवाब दें: जसवीर सिंह गढ़ी • कपूरथला में आम आदमी पार्टी को बड़ी राजनीतिक बढ़त मिली • अगर ड्रग्स पाकिस्तान से आ रहे हैं, तो बीएसएफ किसके अधीन आती है? यह अमित शाह के केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है: CM भगवंत सिंह मान • राहुल गांधी पंजाब में कांग्रेस के नशे के रिकॉर्ड का जवाब दें: बलतेज पन्नू • पंजाब से नशे का खात्मा करना सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य: CM भगवंत सिंह मान • पंजाब के 3 जिलों में बारिश के आसार, ओलावृष्टि के बाद 5 डिग्री तक गिरा तापमान; ठंडी हवाओं से मिली राहत • “अगर भाजपा सरकार सत्ता में आती है तो पंजाब में नशीली दवाओं का अंत हो जाएगा” – अमित शाह का परविंदर जोटा हत्याकांड पर बयान • CM भगवंत मान ने बुलाई नशा विरोधी अभियान पर हाई लेवल मीटिंग, सभी जिलों के SSP और DC होंगे शामिल • ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ के तहत, बरनाला के DC ने धिलवां में नशे के हॉटस्पॉट खत्म कर बच्चों के खेल मैदान और पार्क के निर्माण के निर्देश दिए

CM भगवंत सिंह मान द्वारा कृषि विश्वविद्यालय में हॉर्टिकल्चर नॉलेज सेंटर को मंजूरी

September 3, 2026By Short Daily News

पंजाब में फसली विविधता को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने और प्रदेश के बागवानी क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए बड़ी पहल के तहत मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) के सहयोग से पंजाब कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना में एक हॉर्टिकल्चर नॉलेज सेंटर स्थापित करने को मंजूरी दी। यह पहल 1300 करोड़ रुपये की परियोजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बागवानी का विस्तार करना, वैल्यू चेन को मजबूत करना और किसानों की आय को बढ़ाना है। उल्लेखनीय है कि पंजाब ने 2036 तक बागवानी के तहत क्षेत्र को 16 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।

 

बागवानी विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “परियोजना का मुख्य उद्देश्य बागवानी के तहत क्षेत्र का विस्तार और मजबूत वैल्यू चेन बुनियादी ढांचे के माध्यम से बागवानी फसलों को बढ़ावा देना है। यह न केवल फसली विविधता लाकर किसानों की आय बढ़ाएगा, बल्कि किसानों को मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार लाने और पानी के संरक्षण के लिए टिकाऊ कृषि पद्धतियों की ओर भी प्रोत्साहित करेगा।”

 

मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब में इस समय 41.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र खेती के अधीन है, जिसमें से 5.27 लाख हेक्टेयर क्षेत्र बागवानी के तहत है, जिसका उत्पादन 106.10 लाख मीट्रिक टन है।”

 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बागवानी में फल, सब्जियाँ, मसाले और सुगंधित पदार्थ, फूल और अन्य वस्तुओं की खेती की जाती है। इसमें मुख्य फल किन्नू और अमरूद हैं, जबकि मुख्य सब्जियाँ आलू और मटर हैं। इसके अलावा मधुमक्खी पालन और मशरूम की खेती भी बागवानी का ही हिस्सा है।”

 

उन्होंने कहा, “बागवानी में विविधता लाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से जेआईसीए के सहयोग वाली इस 1300 करोड़ी परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना में मशीनरी, बुनियादी ढांचे, मार्केटिंग, बीज और अनुसंधान में निवेश की संभावना है, जिसके तहत 2036 तक बागवानी के अधीन क्षेत्र को 16 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाया जाना है, जो वर्तमान स्तर से लगभग 300 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है।”

 

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी मुख्य प्राथमिकता एक टिकाऊ बागवानी वैल्यू चेन विकसित करना, बागवानी के तहत क्षेत्र का विस्तार और किसानों को प्रोत्साहित करना है ताकि उच्च-गुणवत्ता वाली एवं लाभकारी पौधों से नर्सरियों की विविधता और सुधार को बढ़ावा दिया जा सके। इसके साथ ही कटाई के बाद प्रबंधन बुनियादी ढांचे के विकास, बाजार पहुंच में सुधार, विस्तार सेवाओं को मजबूत करने, तकनीकी सहायता प्रणाली को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।”

 

उन्होंने कहा, “पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में हॉर्टिकल्चर नॉलेज सेंटर व्यापक एवं महत्वपूर्ण पहल है, जो अनुसंधान, तकनीकी ज्ञान, क्षमता निर्माण और नवीनतम बागवानी पद्धतियों को अपनाने के लिए संस्थागत सहायता प्रदान करेगा।”

 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस पहल से बेहतर पौधों और खेती से लेकर कटाई के बाद के प्रबंधन, मार्केटिंग और बाजार पहुंच तक संपूर्ण बागवानी परिवेश को मजबूत करने की उम्मीद है, जिससे टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देते हुए किसानों की अर्थव्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए उपयुक्त अवसर पैदा होंगे।”

 

बैठक में मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत, कृषि विभाग के सचिव अरशदीप सिंह थिंद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।