Search

BREAKING
• पंजाब ने नशों के विरुद्ध सख्त कानून बनाने के लिए केंद्र को तीन पत्र लिखे, लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई: हरपाल सिंह चीमा • अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले अमन अरोड़ा ने उठाए सवाल, नशा तस्करी और सीमा सुरक्षा पर मांगा जवाब • परविंदर झोटा हत्याकांड की जांच अब CBI करेगी, CM मान का बड़ा ऐलान; परिवार की मांग मानी • अमित शाह को पंजाब को उपदे देने से पहले देश में बढ़ रहे गैंगस्टरवाद, फिरोती और नशा तस्करी पर जवाब दें: हरपाल सिंह चीमा • परविंदर झोटा हत्याकांड में सरकार की पहल, बातचीत के लिए 3 महिला IAS अधिकारियों की टीम गठित • “राम भक्तों की पुकार, चंदा चोरों को सज़ा इस बार”: अमन अरोड़ा ने श्री राम मंदिर चंदा चोरी मामले में प्रधानमंत्री मोदी से कड़ी सज़ा की मांग की • टाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर मालविंदर कंग का केंद्र पर हमला, गैंगस्टरों को संरक्षण देने का लगाया आरोप • अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले केजरीवाल का BJP पर तीखा हमला, कानून-व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल • संगरूर में भीषण सड़क हादसा, मनरेगा मजदूरों समेत 8 की मौत; CM मान ने किया मुआवजे का ऐलान • अमित शाह पंजाब को बताएं कि मुंद्रा पोर्ट से देश में आने वाले नशे को रोकने के लिए उन्होंने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं: बलतेज पन्नू

भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का बदला रंग, अब केसरिया जर्सी में नजर आएंगे खिलाड़ी

July 30, 2026By Short Daily News

15 अगस्त से शुरू होने जा रहे हॉकी विश्व कप 2026 से पहले हॉकी इंडिया ने भारतीय टीम की नई जर्सी लॉन्च कर दी है। बेल्जियम और नीदरलैंड की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम इस बार केसरिया (नारंगी) रंग की जर्सी पहनकर मैदान में उतरेगी। आमतौर पर क्रिकेट, हॉकी और फुटबॉल में भारतीय टीम की पहचान नीली जर्सी से रही है, ऐसे में रंग बदलने के इस फैसले ने खेल जगत में चर्चा छेड़ दी है।

भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान वीरेन रसकिन्हा ने भी इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि हॉकी इंडिया ने भारतीय हॉकी के लिए कई अच्छे काम किए हैं, लेकिन जर्सी का रंग बदलना निराशाजनक है। उनके अनुसार, नीला रंग भारतीय हॉकी की पहचान और विरासत का प्रतीक रहा है तथा खिलाड़ियों और प्रशंसकों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने यह भी पूछा कि आखिर केसरिया रंग चुनने के पीछे क्या वजह है।

विवाद के बाद हॉकी इंडिया ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि जर्सी का रंग बदलने का फैसला कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ियों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद लिया गया है। संस्था के अनुसार, इसका मुख्य कारण तकनीकी है। अंतरराष्ट्रीय हॉकी में इस्तेमाल होने वाली नीली सिंथेटिक पिच पर नीली जर्सी कई बार पृष्ठभूमि में मिल जाती थी, जिससे खिलाड़ियों को मैदान पर अपने साथियों को स्पष्ट रूप से पहचानने में कठिनाई होती थी।

हॉकी इंडिया ने बताया कि इसी कारण कोचों और खिलाड़ियों ने पीले और नारंगी जैसे रंगों पर विचार किया और विस्तृत चर्चा के बाद केसरिया (नारंगी) रंग को अंतिम रूप दिया गया। संस्था का कहना है कि यह रंग न केवल तकनीकी जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि भारत के राष्ट्रीय ध्वज के प्रमुख रंगों में से एक होने के कारण साहस, त्याग और राष्ट्रीय गौरव का भी प्रतीक है।