Search

BREAKING
8वीं कक्षा में टॉप करने वाली बेटियों का CM आवास पर सम्मान, CM भगवंत मान ने बढ़ाया हौसला बेमौसम बारिश से तबाही के बीच Punjab पहुंचेगी केंद्रीय टीम, प्रभावित जिलों का करेगी दौरा गुरु ग्रंथ साहिब बेअदबी पर कड़ा कानून: Bhagwant Mann कैबिनेट ने सख्त सज़ाओं वाले संशोधन को दी मंजूरी गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व पर सालभर होंगे भव्य कार्यक्रम, CM भगवंत मान ने तैयारियों को दी अंतिम मंजूरी भगवंत मान की अगुवाई में पंजाब सरकार द्वारा ‘पुरस्कार नीति’ लागू, 28 Most Wanted अपराधियों की सूची जारी ! Punjab कैबिनेट ने सत्कार संशोधन विधेयक को मंजूरी दी, बेअदबी पर सख्त सजा का प्रावधान, गांवों और खेलों पर बड़े फैसले आयुष्मान योजना की असफलता पर बलतेज पन्नू का CM नायब सैनी पर हमला पंजाब CM मान ने वृंदावन हादसे पर जताया दुख, मदद का भरोसा; बचाव कार्य को लेकर मुख्यमंत्री योगी से की बात वृंदावन हादसे में पंजाब के 10 लोगों की मौत, लुधियाना में पसरा मातम; CM पहुंचे विलाप करने, अंतिम संस्कार आज पंजाब में कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादलों पर बड़ा फैसला, 15 अप्रैल से 30 मई तक होंगे ट्रांसफर

गुरु ग्रंथ साहिब बेअदबी पर कड़ा कानून: Bhagwant Mann कैबिनेट ने सख्त सज़ाओं वाले संशोधन को दी मंजूरी

April 12, 2026By Short Daily News

पंजाब में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी के मामलों पर सख्ती बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मंत्रिमंडल ने ‘जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026’ को मंजूरी दे दी है। इस संशोधन के तहत श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वालों के खिलाफ उम्रकैद समेत कड़ी सज़ाओं का प्रावधान किया गया है। सरकार इस विधेयक को सोमवार को पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में पेश करेगी।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। सरकार का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में पवित्र ग्रंथों की बेअदबी की घटनाओं ने समाज में गहरी नाराजगी और तनाव पैदा किया है, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। हालांकि मौजूदा कानून—भारतीय न्याय संहिता की कुछ धाराएं—इन मामलों को कवर करती हैं, लेकिन उनमें सख्त सज़ा का पर्याप्त प्रावधान नहीं माना गया।

इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ‘जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम-2008’ में संशोधन का निर्णय लिया है। नए संशोधन के जरिए बेअदबी जैसे गंभीर अपराधों के लिए कठोर दंड सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

सरकार का मानना है कि यह कानून न सिर्फ धार्मिक पवित्रता की रक्षा करेगा, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे, सम्मान और सांप्रदायिक सौहार्द को भी मजबूत करेगा। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम राज्य में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने और दुर्भावनापूर्ण तत्वों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।