Search

BREAKING
• गुरुद्वारा बंगला साहिब के रास्ते को लेकर DSGMC का बड़ा फैसला, वर्दीधारी पुलिसकर्मियों की एंट्री पर रोक • PM मोदी और भाजपा सरकार पंजाब और पंजाबियत का गला घोंटने का कोई मौका नहीं छोड़ रही, पेरिस से वापसी पर CM भगवंत सिंह मान का अपमान किया गया: बलतेज पन्नू • अमित शाह जवाब दें कि भाजपा अपने कार्यकाल के दौरान नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने में क्यों नाकाम रही, किसानों के साथ किया गया व्यवहार पंजाब को अच्छी तरह याद है- CM भगवंत सिंह मान • भगवंत मान सरकार ने परिवार की मांग पर परविंदर सिंह झोटा का केस CBI को सौंपा • पंजाब में ड्रग्स की समस्या पर राजनीति करने से पहले भाजपा सत्ता में अपने दस साल का हिसाब दे: बलतेज पन्नू • अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले, अमन अरोड़ा ने नशा तस्करी, गुजरात में हेरोइन की बरामदगी और देश भर में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर पूछे 4 सवाल • पंजाब ने नशों के विरुद्ध सख्त कानून बनाने के लिए केंद्र को तीन पत्र लिखे, लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई: हरपाल सिंह चीमा • अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले अमन अरोड़ा ने उठाए सवाल, नशा तस्करी और सीमा सुरक्षा पर मांगा जवाब • परविंदर झोटा हत्याकांड की जांच अब CBI करेगी, CM मान का बड़ा ऐलान; परिवार की मांग मानी • अमित शाह को पंजाब को उपदे देने से पहले देश में बढ़ रहे गैंगस्टरवाद, फिरोती और नशा तस्करी पर जवाब दें: हरपाल सिंह चीमा

“हम छात्रों के साथ हैं” — PU में लाठीचार्ज की MP मलविंदर कंग ने की निंदा

March 10, 2026By Short Daily News

पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने और कई छात्रों को हिरासत में लेने की घटना ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद मलविंदर कंग ने कड़ी निंदा करते हुए हिरासत में लिए गए छात्रों की तुरंत रिहाई की मांग की है। उन्होंने कहा, “हम इन बहादुर युवा आवाज़ों के साथ मजबूती से खड़े हैं, उनका दर्द हमारा दर्द है।”

MP मलविंदर कंग ने कहा कि ये युवा सिख अपने पवित्र इतिहास, गुरु तेग बहादुर जी और पंज प्यारे से जुड़े तथ्यों के कथित विकृतिकरण के खिलाफ लोकतांत्रिक अधिकार के तहत विरोध कर रहे थे, लेकिन उनसे बातचीत करने की बजाय उन पर लाठियां बरसाई गईं। अपनी आवाज़ उठाने के लिए उन्हें अपराधी बना दिया गया।

उन्होंने कहा कि पंजाब महान सिख विद्वानों और इतिहासकारों की धरती है, जो हमारे इतिहास पर ईमानदारी और प्रमाणिकता के साथ बोलने की क्षमता रखते हैं। बाहरी लोगों को ऐसे विचार थोपने के लिए बुलाने का कोई औचित्य नहीं है, जो हमारी विरासत को गलत तरीके से पेश करते हैं और युवाओं को गुमराह करते हैं।

उन्होंने मांग की कि सभी केस तुरंत वापस लिए जाएं और हिरासत में लिए गए छात्रों को बिना देरी के रिहा किया जाए। उन्होंने दोहराया कि “हम इन बहादुर युवा आवाज़ों के साथ मजबूती से खड़े हैं। उनका दर्द हमारा दर्द है और सम्मान व सच्चाई के लिए उनकी लड़ाई हम सबकी साझा लड़ाई है।”