Search

BREAKING
1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी सज्जन कुमार को श्रद्धांजलि देने वाले भाजपा नेताओं के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने पूरे पंजाब में किया विरोध प्रदर्शन पंजाब में अगस्त में भी मानसून रहा कमजोर, सामान्य से 39% कम बारिश; अब 2 से 4 सितंबर तक अलर्ट मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सेप्सिस और सेप्टिक शॉक के 12,467 उपचारों को ₹51.58 करोड़ की वित्तीय सहायता ASAP उम्मीदवार हरमनप्रीत सिंह खोखर ईवनिंग डिपार्टमेंट प्रधान चुने गए; स्टूडेंट फ्रंट दूसरे, एबीवीपी तीसरे नंबर पर रहा भगवंत मान सरकार अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के खिलाफ नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल्ड कास्ट्स के आदेशों का पालन करेगी: हरपाल सिंह चीमा पंजाब में दशकों बाद पहली बार भूजल स्तर में वृद्धि दर्ज की गई: बरिंदर कुमार गोयल ABVP की जीत पर AAP/ASAP का बड़ा सवाल: विवादित दस्तावेज़ों और चुनावी पात्रता पर हाईकोर्ट जाएगी टीम, PU प्रशासन की चुप्पी पर भी उठे सवाल पंजाब में ग्राउंडवाटर निकालने की दर चार साल में 163.80% से घटकर 152.22% हो गई, 95 ब्लॉक में सुधार दर्ज: बलतेज पन्नू CM भगवंत सिंह मान ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के साथ श्री श्री रविशंकर जी का आशीर्वाद लिया मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की पहली शेर-ए-पंजाब टी-20 क्रिकेट लीग का किया उद्घाटन; कहा, यह लीग पंजाब की क्रिकेट प्रतिभा को निखारेगी

328 पवित्र सरूपों का मामला: SGPC पर काबिज गुट की चुप्पी ‘गुनाह’ की गवाही: कुलतार सिंह संधवा

January 8, 2026By Short Daily News
पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने 328 पवित्र स्वरूपों के गायब होने के अत्यंत संवेदनशील मामले को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) पर काबिज गुट पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर SGPC नेतृत्व यह दावा करता है कि ईशर सिंह कमेटी और अंतरिम कमेटी ने दोषियों के खिलाफ स्पष्ट कार्रवाई की सिफारिश की थी, लेकिन दूसरी ओर सबसे बड़ा सवाल यह है कि उन सिफारिशों को आज तक लागू क्यों नहीं किया गया? संधवां ने कहा कि क्या यह मान लिया जाए कि कार्रवाई न करना आरोपियों को सुरक्षित रास्ता देने की सोची-समझी राजनीतिक साजिश थी? उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आरोपी इतने प्रभावशाली थे या अपने ही गुट से जुड़े थे, जिस कारण उन्हें सजा देने के बजाय पंथक मर्यादा को ताक पर रख दिया गया।

“संगत से सच क्यों छिपाया गया?”

विधानसभा स्पीकर ने कहा कि यदि जांच रिपोर्टों में सब कुछ स्पष्ट था, तो फिर संगत से जानबूझकर सच्चाई क्यों छिपाई गई? उन्होंने इसे सिख कौम की भावनाओं और नैतिक मूल्यों के साथ विश्वासघात बताते हुए कहा कि यह चुप्पी सीधे तौर पर दोषियों की पीठ थपथपाने के बराबर है।

“कार्रवाई न करना गंभीर पंथक अपराध”

संधवां ने स्पष्ट किया कि:
  • यदि जांच कमेटियों की रिपोर्ट सही थीं, तो उन पर कार्रवाई न करना गंभीर पंथक अपराध है
  • इसकी सीधी जिम्मेदारी मौजूदा SGPC नेतृत्व पर बनती है
  • और यदि रिपोर्ट गलत थीं, तो फिर सिख समुदाय को आज तक असली सच्चाई से दूर क्यों रखा गया?
उन्होंने कहा कि SGPC की इस दोहरी नीति ने संगठन की साख को गहरी ठेस पहुंचाई है, जिसका जवाब अब संगत को देना होगा।

“इंसाफ में रुकावट डालने वाली ताकतों को बेनकाब किया जाए”

कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि आज सिख समुदाय को यह जानने का पूरा अधिकार है कि:
  • इंसाफ की राह में रुकावट डालने वाली ताकतें कौन थीं
  • केवल सिफारिशें करने वालों पर ही नहीं, बल्कि उन्हें रोकने वालों पर भी सवाल उठने चाहिए
उन्होंने चेतावनी दी कि पवित्र स्वरूपों की बेअदबी, लापरवाही और आरोपियों को संरक्षण देने वाले लोग इतिहास के कटघरे में हमेशा दोषी माने जाएंगे।

“यह मामला सिर्फ प्रशासनिक नहीं, पंथक आत्मा से जुड़ा है”

स्पीकर ने कहा कि यह मुद्दा किसी एक संस्था या व्यक्ति का नहीं, बल्कि सिख पंथ की आत्मा, मर्यादा और विश्वास से जुड़ा हुआ है। उन्होंने दोहराया कि इस मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही ही सिख समुदाय के साथ इंसाफ कर सकती है।