Search

BREAKING
भगवंत मान सरकार का ई-रिक्शा अभियान 3,440 गांवों तक पहुंचा, पंजाब में जमीनी स्तर पर ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ आंदोलन को मिली और मजबूती अमन अरोड़ा द्वारा एयर फोर्स अकादमी और एनडीए मेरिट सूची में शानदार उपलब्धियां हासिल करने वाली माई भागो प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट की महिला कैडेटों का सम्मान प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर नकेल कसने वाला देश का पहला राज्य बना पंजाब – केजरीवाल मुख्यमंत्री द्वारा स्वास्थ्य योजना की प्रगति की समीक्षा; कहा, स्वास्थ्य संभाल योजना पंजाब के लिए वरदान बनकर उभरी ‘मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सत्कार योजना’ पंजाब की 97 प्रतिशत महिलाओं को बनाएगी सशक्त : CM भगवंत सिंह मान पंजाब की बेटियों ने बढ़ाया देशभर में मान, अमन अरोड़ा ने किया सम्मानित तेज हवाओं और बारिश ने बदला मौसम, पंजाब के कई जिलों में चेतावनी जारी वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मुलाजिम यूनियनों से की मुलाकात; जायज़ मांगों पर जल्द कार्रवाई का दिया भरोसा भाजपा विपक्षी चेहरों को सिर्फ इसलिए लुभाती है ताकि उनकी उपयोगिता खत्म होने के बाद उन्हें बेरहमी से किनारे कर सके: हरपाल सिंह चीमा CM भगवंत सिंह मान के ऐलान के 24 घंटों के भीतर पंजाब सरकार द्वारा निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस वृद्धि पर रोक लगाने के लिए कानून का मसौदा तैयार करने के आदेश

‘मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सत्कार योजना’ पंजाब की 97 प्रतिशत महिलाओं को बनाएगी सशक्त : CM भगवंत सिंह मान

June 6, 2026By Short Daily News

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि प्रदेश भर की पात्र महिलाओं को पहली जुलाई से ‘मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सत्कार योजना’ के तहत वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी। इस प्रमुख योजना के कार्यान्वयन का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को मजबूत करना और यह सुनिश्चित करना है कि वे स्वाभिमान से अपना जीवन व्यतीत कर सकें।

 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सत्कार योजना’ के तहत पंजाब की हर पात्र महिला को 1,000 रुपये प्रति माह, जबकि अनुसूचित जाति (एस.सी.) श्रेणी से संबंधित महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। उन्होंने कहा, “फंड सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे और जो महिलाएं पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही हैं, वे भी इस योजना के तहत पात्र होंगी। पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस पहल का लाभ मिलने की उम्मीद है और पंजाब सरकार ने इस योजना को लागू करने के लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।”

 

इस योजना के बड़े सामाजिक महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यद्यपि यह वित्तीय सहायता महिलाओं को अमीर नहीं बनाएगी, लेकिन यह उन्हें स्वाभिमान अवश्य प्रदान करेगी। उन्होंने कहा, “महिलाएं सबसे अधिक सम्मान की हकदार हैं क्योंकि वे स्वयं जीवन का स्रोत हैं। माताओं और बहनों के आशीर्वाद दुनिया की हर चुनौती को पार करने में मदद कर सकते हैं। परिवार की भलाई में सुधार, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक तथा आर्थिक निर्णयों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता को मजबूत करना बहुत आवश्यक है।”

 

पंजीकरण प्रक्रिया की प्रगति का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश भर में पंजीकरण पहले ही शुरू हो चुका है और हर रोज लाखों महिलाओं के नाम दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “अनुसूचित जाति श्रेणी से संबंधित महिलाओं को इस योजना के तहत 1,500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण करने की जिम्मेदारी लगभग दो लाख ‘महिला सत्कार सखियों’ को सौंपी गई है।”

 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे बताया कि ये पंजीकरण आंगनवाड़ी केंद्रों, सेवा केंद्रों और संबंधित जिलों में डिप्टी कमिश्नरों द्वारा विशेष रूप से निर्धारित अन्य स्थानों के माध्यम से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह पहल पंजाब भर में महिलाओं को सशक्त बनाने और यह सुनिश्चित करने में बहुत सहायक सिद्ध होगी कि वे सम्मान और आत्मविश्वास के साथ अपना जीवन व्यतीत कर सकें।”