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माँवां धियां सत्कार योजना’ के तहत लुधियाना रहा लाभार्थियों की सूची में सबसे आगे

July 18, 2026By Short Daily News

भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की माँवां धियां सत्कार योजना के तहत लुधियाना सबसे अधिक लाभार्थियों वाला ज़िला बनकर उभरा है। इस योजना के तहत ज़िले में 7.4 लाख लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन किया गया है।

 

लुधियाना के बाद पटियाला में 5.3 लाख, अमृतसर में 4.9 लाख, जालंधर में 4.8 लाख, गुरदासपुर में 4.4 लाख और होशियारपुर में 4.2 लाख लाभार्थी योजना से जुड़े हैं। राज्य में सबसे कम रजिस्ट्रेशन मालेरकोटला ज़िले में दर्ज किया गया है, जहाँ 1.3 लाख लाभार्थी योजना से जुड़े हैं।

 

पूरे पंजाब में 14 जुलाई 2026 तक कुल 68.9 लाख लाभार्थियों का इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है।

 

पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि लुधियाना, पटियाला, अमृतसर, जालंधर, गुरदासपुर और होशियारपुर जैसे ज़िलों में अधिक रजिस्ट्रेशन के पीछे कई कारण हैं, जिनमें अधिक आबादी, मज़बूत प्रशासनिक नेटवर्क और कल्याणकारी योजनाओं के प्रति अधिक जागरूकता शामिल हैं। उन्होंने कहा, “योजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए पूरी सरकारी मशीनरी मिलकर काम कर रही है।”

 

अधिक रेजिस्ट्रेशनों के पीछे बड़ी जनसंख्या एक प्रमुख कारण है। इन ज़िलों में शहरी और ग्रामीण आबादी अधिक है, विधानसभा क्षेत्रों की संख्या अधिक है और पात्र परिवारों की संख्या भी अधिक है, जिससे लाभार्थियों की संख्या स्वाभाविक रूप से बढ़ती है। लुधियाना, अमृतसर और जालंधर जैसे बड़े शहर रोज़गार, शिक्षा और आजीविका के अवसरों के लिए आसपास के ज़िलों के लोगों को भी आकर्षित करते हैं, जिससे यहाँ रहने वाली आबादी में वृद्धि होती है।

 

इन ज़िलों में परिवार ज़्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों से संबंधित हैं, जिससे बेटियों वाले परिवारों को सहायता प्रदान करने वाली कल्याणकारी योजनाओं के लिए पात्र लाभार्थियों की संख्या बढ़ती है। जन्म पंजीकरण, आधार नामांकन, बैंक ख़ातों की उपलब्धता और अन्य आवश्यक दस्तावेज़ों की बेहतर व्यवस्था ने भी अधिक पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ लेने में मदद की है।

 

ज़िला प्रशासन ने जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ स्थानीय निकायों (लोकल बॉडीज़) और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से पात्र परिवारों को आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया है। अधिकारियों ने आवेदनों के वेरिफिकेशन और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया, जिससे लाभार्थियों की संख्या बढ़ी है।

 

इसके विपरीत, मालेरकोटला जैसे कम आबादी वाले ज़िलों में लाभार्थियों की संख्या कम दर्ज की गई है। कम जनसंख्या और पात्र परिवारों की अपेक्षाकृत संख्या के कारण इन ज़िलों में पंजीकरण भी कम रहा है।

 

*ज़िला-वार दर्ज किए गए लाभार्थी*

 

क्रम संख्या ज़िला लाभार्थी (लाख में)

 

1 अमृतसर 4.9

2 बरनाला 1.6

3 बठिंडा 3.8

4 फ़रीदकोट 1.8

5 फ़तेहगढ़ साहिब 1.5

6 फ़ाज़िल्का 2.9

7 फ़िरोज़पुर 2.5

8 गुरदासपुर 4.4

9 होशियारपुर 4.2

10 जालंधर 4.8

11 कपूरथला 1.7

12 लुधियाना 7.4

13 मालेरकोटला 1.3

14 मानसा 2.4

15 मोगा 2.6

16 पठानकोट 1.8

17 पटियाला 5.3

18 रूपनगर 1.8

19 एस.ए.एस. नगर (मोहाली) 1.7

20 एस.बी.एस. नगर (नवांशहर) 1.6

21 संगरूर 3.6

22 श्री मुक्तसर साहिब 2.7

23 तरनतारन 2.6

 

कुल दर्ज किए गए लाभार्थी: 68.9 लाख