Search

BREAKING
मजदूर दिवस पर बड़ा तोहफा: Punjab में न्यूनतम मजदूरी में 15% बढ़ोतरी, CM Bhagwant Mann का ऐलान अंतरराष्ट्रीय पहलवान ‘सुपर खालसा’ आम आदमी पार्टी में शामिल Bhagwant Maan सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत 4,600 घुटनों का प्रत्यारोपण , कैशलेस सर्जरी से हज़ारों लोगों की चलने-फिरने की क्षमता बहाल हुई मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने 14.63 करोड़ रुपये के खेल स्टेडियम का शिलान्यास किया ताकि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा दी जा सके अपराधियों को पालना अकाली दल की पुरानी आदत” – बलतेज पन्नू का तीखा बयान जस्सा पट्टी के बाद घुम्मण ब्रदर्स भी AAP में शामिल, CM Bhagwant Mann ने किया स्वागत 1 मई से बढ़ेंगी दूध की कीमतें, Milkfed Punjab ने ₹20 प्रति किलोग्राम फैट बढ़ाया अमृतसर में ड्रग तस्करी नेटवर्क का बड़ा खुलासा, 6 किलो हेरोइन के साथ एक आरोपी गिरफ्तार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अकेले मिलेंगे CM भगवंत सिंह मान, 5 मई को होगी अहम मुलाकात Punjab के किसानों के लिए बड़ी राहत, भगवंत मान सरकार ने पहली बार 1 May से धान की बुआई के लिए नहरी पानी की सप्लाई सुनिश्चित की

मजदूर दिवस पर बड़ा तोहफा: Punjab में न्यूनतम मजदूरी में 15% बढ़ोतरी, CM Bhagwant Mann का ऐलान

May 1, 2026By Short Daily News

मजदूर दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने मजदूरों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐलान किया है। पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने सदन को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। इस प्रस्ताव को विधानसभा स्पीकर द्वारा सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला मजदूर दिवस पर राज्य के श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण तोहफा है। उन्होंने बताया कि यह बढ़ोतरी सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में लागू होगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2013 के बाद से मजदूरी में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई थी, जबकि इस दौरान दो सरकारें बदल चुकी थीं।

इस बीच, राज्य की राजनीति में भी हलचल देखी गई। Aam Aadmi Party सरकार द्वारा विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव लाए जाने की संभावना जताई गई है, खासकर राज्यसभा के छह सांसदों के दल-बदल के बाद। पार्टी अपने 94 विधायकों की एकजुटता साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट कर सकती है।

विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 3 बजे फिर से शुरू हुई, लेकिन शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नारेबाजी देखने को मिली। हंगामे के चलते स्पीकर को सत्र को कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा। बाद में कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, जिसमें मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन को जारी रखा।

विपक्ष के नेता Partap Singh Bajwa ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बार-बार विशेष सत्र बुलाने की बजाय नियमित सत्र आयोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक कई सत्र बुलाए जा चुके हैं, लेकिन उनमें प्रश्नकाल और शून्यकाल जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को पर्याप्त समय नहीं दिया गया, जिससे विधायकों को अपने मुद्दे उठाने का मौका नहीं मिल पा रहा।

कुल मिलाकर, जहां एक ओर मजदूरों के लिए यह फैसला राहत लेकर आया है, वहीं दूसरी ओर विधानसभा में राजनीतिक माहौल गर्माता हुआ नजर आया।