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पंजाब सरकार ने करोड़ों रुपये के बकाया की वसूली के लिए वैट और जीएसटी डिफॉल्टरों की संपत्तियों की नीलामी शुरू की: हरपाल सिंह चीमा

June 20, 2026By Short Daily News

पंजाब के वित्त, योजना, कर एवं आबकारी मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां घोषणा की कि राज्य सरकार ने लंबे समय से वैट और जीएसटी की चोरी करने वालों की संपत्तियों की सार्वजनिक नीलामी आधिकारिक रूप से शुरू कर कर डिफॉल्टरों के खिलाफ अपनी वसूली मुहिम को तेज कर दिया है। उन्होंने कहा, “राज्य के लंबे समय से बकाया राजस्व की वसूली के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आबकारी एवं कर विभाग ने संपत्तियों की तीन बड़ी नीलामियां सफलतापूर्वक संपन्न की हैं। इनके माध्यम से उन कारोबारियों और व्यक्तियों से बड़ी राशि की वसूली की गई है, जिन्होंने बार-बार अवसर दिए जाने और कानूनी नोटिस जारी होने के बावजूद जानबूझकर अपनी कर देनदारियों का भुगतान नहीं किया।”

 

इस प्रवर्तन अभियान की प्रारंभिक सफलताओं की जानकारी देते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पहली बड़ी नीलामी मोहाली में डिफॉल्टर फर्म मैसर्स सुमित इंजीनियरिंग के विरुद्ध की गई, जहां 19 जून 2026 को संपत्ति 13.22 करोड़ रुपये में बेची गई। उन्होंने आगे बताया कि शाहकोट, जालंधर स्थित मैसर्स एम.आर. राइस मिल्स की संपत्ति की नीलामी भी सफल रही, जिससे कुल 1.11 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।

 

वित्त मंत्री ने कहा, “सफल बोलीदाताओं द्वारा आज 3.58 करोड़ रुपये की राशि सीधे सरकारी खजाने में जमा करा दी गई है, जबकि शेष राशि नियमों के अनुसार आगामी सप्ताह में कानूनी रूप से वसूल कर जमा कराई जाएगी।”

 

उन्होंने कहा कि मोहाली और जालंधर में हुई ये प्रारंभिक सफल नीलामियां बिना किसी भय या पक्षपात के कर कानूनों को लागू करने की राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि संपत्तियों की जब्ती और नीलामी सहित ये सख्त वसूली कार्रवाइयां पंजाब सरकार की पूर्व घोषित नीति का ही विस्तार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये कार्रवाई विशेष रूप से उन पुराने कर डिफॉल्टरों के खिलाफ की जा रही है जिन्होंने राज्य की एकमुश्त निपटान (ओटीएस) योजना के अंतर्गत उपलब्ध कराई गई बड़ी राहत का लाभ नहीं उठाया।

 

कर चोरी के मामलों पर सरकार के कड़े रुख को दोहराते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार का मुख्य उद्देश्य जनता के वैध धन की वसूली करना है, केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं।”

 

करदाताओं को स्वेच्छा से अनुपालन करने का अवसर देने और व्यापारियों को पुराने विवादों के समाधान का एक अंतिम मौका प्रदान करने के उद्देश्य से उन्होंने घोषणा की कि पंजाब सरकार ने एकमुश्त निपटान (ओटीएस) योजना की अवधि 31 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि यह योजना बकाया वैट देनदारियों वाले करदाताओं को अपने बकाये का शीघ्र निपटान करने के लिए एक पारदर्शी और अत्यंत लाभकारी व्यवस्था प्रदान करती है, जिससे वे न्यायिक कार्यवाही, लंबित विवादों और सरकारी प्रवर्तन कार्रवाई से बच सकते हैं।

 

शेष कर बकायेदारों को अंतिम चेतावनी देते हुए आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकारी कर मांगों की अनदेखी करने और यह मानकर चलने का दौर कि सरकारी बकाया वसूल नहीं किया जाएगा, अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने खुलासा किया कि आबकारी एवं कर विभाग ने आदतन और पुराने डिफॉल्टरों की अनेक संपत्तियों की पहचान कर ली है तथा आने वाले सप्ताहों और महीनों में विभिन्न जिलों में लगभग 20 अन्य संपत्तियों की नीलामी निर्धारित की जा चुकी है।

उन्होंने कहा, “आबकारी एवं कर विभाग सार्वजनिक राजस्व की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पंजाब के हजारों ईमानदार और कानून का पालन करने वाले करदाताओं को कुछ जानबूझकर डिफॉल्टर बने लोगों के कारण वित्तीय या प्रतिस्पर्धात्मक नुकसान न उठाना पड़े।”

 

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने चेतावनी दी कि जो करदाता अपने कानूनी दायित्वों की लगातार अनदेखी कर रहे हैं, उन्हें तत्काल और गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि कर विभाग पंजाब के प्रत्येक रुपये की सुरक्षा के लिए बैंक खातों को अटैच करने, संपत्तियां जब्त करने तथा चल एवं अचल दोनों प्रकार की संपत्तियों की सार्वजनिक नीलामी सहित सभी उपलब्ध कानूनी उपायों का उपयोग कर रहा है।