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पंजाब सरकार कर्मचारी-हितैषी है और अदालती आदेशों का पूरा सम्मान करेगी

September 23, 2026By Short Daily News

पंजाब सरकार ने मंगलवार को कहा कि वह हाईकोर्ट के विचारों का पूरा सम्मान करती है और अपने कर्मचारियों तथा पेंशनर्स की भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार ने कहा कि बकाया महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) से जुड़ा मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है और सर्वोच्च न्यायालय का फैसला सभी पक्षों पर लागू होगा।

एक बयान में पंजाब सरकार ने कहा, “यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन (सब-ज्यूडिस) है। सभी संबंधित पक्षों को अदालती प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले की प्रतीक्षा करनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जो भी फैसला दिया जाएगा, वह सभी पक्षों के लिए मान्य होगा। इसके बावजूद, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कर्मचारियों और पेंशनर्स की भलाई के लिए पहल करते हुए अपने स्तर पर डीए में 8% वृद्धि की घोषणा की है, जिससे कुल डीए की दर 50% हो गई है, जिससे सालाना ₹3,000 करोड़ का वित्तीय बोझ पड़ेगा।”

सरकार ने कहा, “पंजाब सरकार एक कर्मचारी-हितैषी सरकार है। हमने कर्मचारियों और पेंशनर्स की चिंताओं को सुना है और उसी के अनुसार फैसले लिए हैं। भले ही यह मामला माननीय सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है, फिर भी मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने डीए में 8% वृद्धि की घोषणा करके कर्मचारियों और पेंशनर्स के हित में फैसला लिया है। यह सरकार की अपने कर्मचारियों की भलाई के प्रति प्रतिबद्धता का एक स्पष्ट प्रमाण है।”

पंजाब सरकार ने कहा कि कानूनी कार्रवाई को न्यायपालिका का अनादर करने के रूप में गलत तरीके से पेश नहीं किया जाना चाहिए। “पंजाब सरकार ने उचित कानूनी प्रक्रिया के जरिए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच बनाई है। सुप्रीम कोर्ट से राहत मांगने के संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करने को न्यायपालिका की अनदेखी नहीं कहा जा सकता। हमें न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और हम सक्षम अदालत के अंतिम निर्देशों का पालन करेंगे,”

सरकार ने दोहराया कि वह सुप्रीम कोर्ट में अपने कानूनी उपाय को आगे बढ़ाते हुए बातचीत के जरिए अधूरे मुद्दों को हल करने के लिए कर्मचारियों और पेंशनर्स के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगी। बयान के अंत में कहा कि, “हम अदालतों का सम्मान करते हैं, हम अपने कर्मचारियों का सम्मान करते हैं और हम कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करते हैं। पंजाब सरकार हमेशा अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स की भलाई के लिए खड़ी रहेगी और अंतिम न्यायिक निर्देशों को पूरी तरह लागू करेगी।”