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भगवंत मान सरकार ने सर्वसम्मति से जीता विश्वास मत

May 2, 2026By Short Daily News

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब विधानसभा के फ्लोर को राजनीतिक अधिकार के एक निर्णायक दावे में बदल दिया, जिसमें उनकी सरकार ने सर्वसम्मति से विश्वास प्रस्ताव जीतकर एक स्पष्ट संदेश दिया कि पंजाब सरकार को अस्थिर करने की कोशिशें नाकाम रहीं। लोगों के जनादेश को दृढ़ विश्वास का प्रतीक बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एलान किया कि आम आदमी पार्टी (आप) का बहुमत आधार बरकरार है, जो 2027 में और भी बड़े फैसले से स्पष्ट दिखाई देगा। उन्होंने “खून-पसीने” से बनी पार्टी की जमीनी ताकत और अरविंद केजरीवाल के साथ इसके अटूट बंधन को उजागर किया।

 

विपक्ष के संबंध में उन्होंने सदन में कांग्रेस की अनुपस्थिति को मौन समर्थन बताया और भाजपा के संगठनात्मक ढांचे पर सवाल उठाए। उन्होंने साथ ही यह एलान करके एक बड़ी संवैधानिक लड़ाई का संकेत दिया कि पंजाब सरकार राष्ट्रपति के पास पहुंचकर दल-बदल विरोधी सख्त कानूनी प्रस्तावों या री-कॉल के अधिकार की मांग करेगी। ‘आप’ को दल-बदल से प्रभावित न होने वाली एक टिकाऊ राष्ट्रीय ताकत बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि हमारी पार्टी लोगों के विश्वास का प्रतिनिधित्व करती है, जिसे तोड़ा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि ईडी और सीबीआई जैसी संस्थाओं के दुरुपयोग जैसे तरीके बाबा साहिब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान को कमजोर करते हैं।

 

सदन की कार्यवाही के दौरान कुल 88 ‘आप’ विधायक मौजूद थे, जबकि ‘आप’ के दो विधायक इस समय विदेश में हैं और दो जेल में हैं। इसके अलावा दो विधायक अस्पताल में भर्ती हैं। विश्वास प्रस्ताव को सदन में सर्वसम्मति से समर्थन प्राप्त हुआ, जिसने भगवंत मान सरकार की ताकत और एकता को उजागर किया।

 

विश्वास प्रस्ताव पेश करके विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि गलत और भ्रामक जानकारी के जरिए सरकार को अस्थिर करने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन पंजाब के लोग सरकार के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि इन दिनों सूबा सरकार को अस्थिर करने के लिए झूठी अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिससे लोगों के मन में शक की भावना पैदा हो रही है। हालांकि, पंजाब के लोगों ने बार-बार सरकार और इसकी नीतियों में स्पष्ट विश्वास दिखाया है।

 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पूरा विपक्ष निराशा के आलम में है क्योंकि उनके नकारात्मक कूड़ प्रचार के बावजूद उन्हें लोगों से कोई समर्थन नहीं मिल रहा।

 

विपक्ष के आंतरिक कलह पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि विपक्ष पूरी तरह से आपस में ही उलझा हुआ है और उनकी लीडरशिप सत्ता के लिए आपस में लड़ रहे नेताओं से बंटी हुई है। विपक्ष के नेता और उनका अपना भाई एक ही घर में रहते हैं लेकिन उनकी पार्टियों के झंडे अलग-अलग हैं। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत ‘आप’ सत्ताधारी ‘आप’ पार्टी पूरी तरह से एकजुट है, जिसका हर वॉलिंटियर पंजाब की तरक्की के लिए ठोस यत्न कर रहा है।

 

वैधानिक और राजनीतिक सक्रियताओं के बारे में उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियां यह हजम नहीं कर पा रही हैं कि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 पास हो गया है, क्योंकि यह अधिनियम उन्हें अपने विभाजनकारी एजेंडे को आगे बढ़ाने की इजाजत नहीं देगा। उन्होंने आगे कहा कि गुजरात से लेकर देश भर में ‘आप’ की बढ़ती मौजूदगी ने भाजपा और इसके सहयोगियों को बेचैनी में डाल दिया है। ‘आप’ अब जम्मू से गोवा तक फैल चुकी है, जो भाजपा और कांग्रेस दोनों की नींद हराम कर रही है, क्योंकि ये पार्टियां लोग केंद्रित मुद्दों को उठाने के बजाय सत्ता का दोस्ताना मैच खेलने को प्राथमिकता देती आई हैं।

 

पार्टी की विचारधारात्मक ताकत को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कांग्रेस, अकाली दल या भाजपा के विपरीत, ‘आप’ को तोड़ा नहीं जा सकता क्योंकि यह पार्टी राजनीतिक प्रणाली को साफ करने के लिए उभरी है। उन्होंने कहा कि कुछ मौकापरस्त आगुओं की वफादारी बदलने से कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि पंजाब के लोग सरकार और इसकी अनोखी पहलकदमियों के साथ डटकर खड़े हैं।

 

उन्होंने आगे कहा कि दल-बदलुओं के जाने के बाद विपक्षी पार्टियां झूठे दावे कर रही थीं कि ‘आप’ विधायक उनके संपर्क में हैं, जबकि उनके अपने नेता ही एक-दूसरे से आंख नहीं मिलाते।

 

लोकतांत्रिक माहौल के बारे में चिंताएं जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि देश मुश्किल समय से गुजर रहा है, जहां लोकतांत्रिक नियमों को खतरे में डाला जा रहा है और संविधान को तोड़ा जा रहा है। यह संविधान के मुख्य निर्माता बाबा साहिब अंबेडकर का घोर अपमान है, जो बिल्कुल भी बर्दाश्त योग्य नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि वोटों को हाईजैक किया जा रहा है और लोकतंत्र की आवाज को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।

 

भाजपा के खिलाफ अपनी आलोचना जारी रखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने टिप्पणी की कि भाजपा का अपना कोई कैडर नहीं है। मशहूर हस्तियां आती हैं, चुनाव लड़ती हैं और फिर चली जाती हैं। अगर देखा जाए तो उनके 240 सांसदों में से 125 कांग्रेस के हैं, जो दर्शाता है कि उनका अपना कोई आधार नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि पार्टियां बदलने वाले नेताओं ने लोगों और उनके जनादेश की पीठ में छुरा मारा है। उन्होंने कहा कि मैं भारत के राष्ट्रपति से मिलकर संशोधनों की मांग करूंगा ताकि ऐसे नेताओं को वापस बुलाया जा सके।

 

शासन और विकास के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक बड़ी सिंचाई पहल पर प्रकाश डाला और कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार 1 मई से पानी छोड़ा जा रहा है ताकि किसानों को इसका लाभ हो सके। धान के सीजन से पहले 4,000 किलोमीटर नए रजवाहों और 3,000 किलोमीटर पाइपलाइनों को चालू कर दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि सिस्टम की जांच करने और किसी भी कमी को दूर करने के लिए 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

 

उन्होंने आगे कहा कि “छोड़ा गया पानी दो भाखड़ा नहरों की सप्लाई के बराबर है, जिससे किसानों को अधिक लाभ होगा। यह समर्पित रिचार्ज स्कीमों के जरिए भूमिगत पानी को रिचार्ज करने में भी मदद करेगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों को लाभ होगा।” उन्होंने आगे कहा कि नहरों और दरियाओं में रिचार्ज पॉइंट बनाए गए हैं, जिससे पानी के स्तर में दो से चार मीटर का इजाफा हुआ है।

 

लंबे समय के दृष्टिकोण को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह फैसला आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से है, क्योंकि पंजाब का वजूद पानी पर निर्भर करता है। यह बहुत मान वाली बात है कि पिछले साल 21 लाख घन मीटर पानी रिचार्ज किया गया है। यह ऐतिहासिक पहल जमीन के नीचे के पानी की संभाल के साथ-साथ पंजाब के कृषि क्षेत्र को और मजबूत करेगी।