Search

BREAKING
बादल का ‘धर्म युद्ध मोर्चा’ का ऐलान पंजाबियों को गुमराह करने के लिए सिर्फ़ एक राजनीतिक ड्रामा है: बलतेज पन्नू मानसून के दौरान बढ़ रही हैं बीमारियाँ , ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ पंजाब भर में समय पर कैशलेस इलाज सुनिश्चित कर रही है मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा 2,800 नए राशन डिपो धारकों को लाइसेंस सौंपेने से अब पूरे पंजाब में घरों के नजदीक मिलेगा राशन कल पंजाब दौरे पर आएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ₹5,470 करोड़ से अधिक की रेल और सड़क परियोजनाओं की देंगे सौगात बेअदबी मामले में SIT की बड़ी कार्रवाई, सुखबीर सिंह बादल को पूछताछ के लिए किया तलब Argentina की दमदार वापसी, इंग्लैंड को हराकर लगातार दूसरी बार FIFA World Cup फाइनल में पहुंचा पंजाब में वोटर लिस्ट के विशेष पुनरीक्षण का नया शेड्यूल जारी, SIR की अवधि 11 दिन बढ़ी ’माँवां धियां सत्कार योजना’ के तहत लुधियाना रहा लाभार्थियों की सूची में सबसे आगे पंजाब सरकार की बड़ी उपलब्धि: पिछले तीन वर्षों में 134 बच्चों को मिला कानूनी रूप से सुरक्षित और स्नेहपूर्ण पारिवारिक वातावरण जनता के सहयोग से पंजाब को हर क्षेत्र में नंबर एक बनाने का सफर जारी रहेगा: CM भगवंत सिंह मान

कांग्रेस में वापसी की अटकलों के बीच अमित शाह से मिले कैप्टन अमरिंदर सिंह, पंजाब की राजनीति में फिर तेज हुई चर्चाएं

June 7, 2026By Short Daily News

पंजाब की राजनीति में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस में उनकी संभावित वापसी की अटकलों के बीच कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री J. P. Nadda से भी भेंट की। सूत्रों के अनुसार इस दौरान कैप्टन ने पार्टी के भीतर अपनी भूमिका, संगठन में संवाद की कमी और उनके सुझावों को पर्याप्त महत्व नहीं मिलने को लेकर नाराजगी जताई।

इस मुलाकात ने पंजाब के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। पिछले कुछ समय से कैप्टन अमरिंदर सिंह की कांग्रेस में वापसी को लेकर लगातार कयास लगाए जा रहे हैं। इन अटकलों को उस समय और बल मिला जब हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupinder Singh Hooda ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह उनके संपर्क में हैं। उन्होंने कैप्टन को कांग्रेस का वरिष्ठ नेता और अपना पुराना सहयोगी बताते हुए कहा था कि दोनों के बीच लंबे समय से अच्छे संबंध रहे हैं।

हुड्डा के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई कि कांग्रेस नेतृत्व कैप्टन अमरिंदर सिंह को दोबारा पार्टी में शामिल करने की संभावनाओं पर विचार कर सकता है। खासकर तब, जब हाल के महीनों में कैप्टन ने कई मौकों पर कांग्रेस और अपने पुराने राजनीतिक साथियों के प्रति सकारात्मक भावनाएं व्यक्त की हैं।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाल ही में पंजाब भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति के संदर्भ में भी एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस में रहते हुए बड़े फैसलों से पहले उनसे सलाह-मशविरा किया जाता था, जबकि भाजपा में अधिकांश फैसले शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं। उनके इस बयान को भी राजनीतिक विश्लेषकों ने पार्टी के भीतर उनकी असहजता के संकेत के रूप में देखा।

इसके अलावा कैप्टन ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान यह भी कहा था कि उन्हें आज भी कांग्रेस की याद आती है। उन्होंने कांग्रेस को एक परिवार की तरह बताते हुए कहा था कि जब भी वह पार्टी नेतृत्व से बात करना चाहते थे, उन्हें पूरा सम्मान और समय मिलता था। उन्होंने यह भी उल्लेख किया था कि उनके जन्मदिन पर Rahul Gandhi ने उन्हें शुभकामनाएं भेजी थीं।

कैप्टन ने यह भी बताया था कि उनके भाई रणधीर सिंह के निधन पर राहुल गांधी ने शोक संदेश भेजकर संवेदना व्यक्त की थी। वहीं उन्होंने यह टिप्पणी भी की कि भाजपा की ओर से उन्हें वैसी प्रतिक्रिया या संवेदना नहीं मिली, जिसकी उन्हें अपेक्षा थी। उनके इन बयानों ने कांग्रेस में वापसी की अटकलों को और हवा दी।

हालांकि कैप्टन अमरिंदर सिंह या कांग्रेस नेतृत्व की ओर से अब तक उनकी वापसी को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन अमित शाह और जेपी नड्डा से उनकी हालिया मुलाकातों ने राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई चर्चाएं शुरू कर दी हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले राज्य की राजनीति में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं और कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगली राजनीतिक रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।