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आर्मी पब्लिक स्कूलों में पंजाबी की पढ़ाई जारी रहेगी, संस्कृत लागू करने का फैसला वापस

August 7, 2026By Short Daily News

आर्मी पब्लिक स्कूलों में पंजाबी भाषा की पढ़ाई पहले की तरह जारी रहेगी। आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी (AWES), जालंधर ने अपने उस पहले के फैसले को वापस ले लिया है, जिसमें स्कूलों में संस्कृत को अनिवार्य रूप से लागू करने की बात कही गई थी। अब छठी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थी पहले की तरह अपनी मातृभाषा पंजाबी की पढ़ाई जारी रख सकेंगे।

इस फैसले का स्वागत करते हुए पंजाब चेतना मंच के अध्यक्ष डॉ. लखविंदर सिंह जौहल, महासचिव सतनाम सिंह मानक और संगठन सचिव प्रिंसिपल गुरमीत सिंह पलाही ने कहा कि नए नियमों के तहत छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पंजाबी या संस्कृत में से किसी एक भाषा का चयन करने की स्वतंत्रता होगी। इसके साथ ही वे अंग्रेजी और हिंदी से जुड़े निर्धारित विषयों का भी चयन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि नौवीं कक्षा में अंग्रेजी, हिंदी और संस्कृत के विकल्प उपलब्ध रहेंगे, जबकि दसवीं कक्षा की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

डॉ. जौहल ने पंजाबी भाषा को बचाने के लिए चलाए गए अभियान का समर्थन करने वाले सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों का धन्यवाद किया। उन्होंने भारत सरकार के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष तरलोचन सिंह और राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लिखे गए उनके पत्र ने इस मामले के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इसके अलावा पंजाबी भाषा से जुड़े विभिन्न संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने भी लगातार इस मुद्दे को उठाया। कानूनी और सामाजिक स्तर पर किए गए प्रयासों के साथ-साथ केंद्रीय पंजाबी लेखक संघ के नेतृत्व में चंडीगढ़ में प्रदर्शन भी किए गए। पंजाब चेतना मंच ने पंजाब के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को भी पत्र लिखकर स्कूलों में पंजाबी भाषा को बनाए रखने की मांग की थी। अब इस फैसले को पंजाबी भाषा के संरक्षण और उसके अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।